Haldwani: उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय का ऐतिहासिक रिकॉर्ड…20 दिन में 100% रिजल्ट, 15 कार्यदिवस में रचा इतिहास

खबर शेयर करें

हल्द्वानी: उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने परीक्षा परिणाम घोषित करने में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विश्वविद्यालय ने दिसंबर-2025 सत्र की परीक्षाओं के सभी परिणाम मात्र 20 दिनों के भीतर घोषित कर दिए, जबकि केवल 15 कार्यदिवस में शत-प्रतिशत परीक्षाफल जारी कर रिकॉर्ड बनाया है।

प्रेस वार्ता में कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहनी ने बताया कि 16 फरवरी से 11 अप्रैल 2026 तक आयोजित परीक्षाएं प्रदेशभर के 76 केंद्रों पर सफलतापूर्वक संपन्न कराई गईं। कुल 39 परीक्षा दिवसों में 323 परीक्षाफल घोषित किए गए और 30 अप्रैल तक सभी परिणाम जारी कर दिए गए।

उन्होंने बताया कि इस उपलब्धि के लिए विश्वविद्यालय ने विशेष रणनीति अपनाई। वरिष्ठ शिक्षकों की टीम गठित की गई और 289 आंतरिक व बाह्य परीक्षकों ने केंद्रीय मूल्यांकन कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा किया। देशभर के विभिन्न प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के शिक्षकों की भागीदारी भी इस प्रक्रिया में रही।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड बोर्ड रिजल्ट 2025 अपडेट: इंटरमीडिएट में देहरादून की अनुष्का टॉपर, 98.60% अंक हासिल किए

कुलपति ने कहा कि यह सफलता विश्वविद्यालय की पारदर्शी, डिजिटल और शिक्षार्थी-केंद्रित कार्यप्रणाली का परिणाम है। समयबद्ध मूल्यांकन और डिजिटल समन्वय के चलते हजारों छात्रों को प्रवेश, रोजगार और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं में समय पर लाभ मिल सकेगा।

प्रेस वार्ता में विश्वविद्यालय के अध्ययन केंद्रों की गतिविधियों की भी जानकारी दी गई। हल्द्वानी स्थित मॉडल अध्ययन केंद्र में आयोजित ‘दीक्षारंभ’ कार्यक्रमों को व्यापक सफलता मिली। 17 अप्रैल को आयोजित पहले कार्यक्रम में 175 और 26 अप्रैल को हुए दूसरे कार्यक्रम में करीब 120 शिक्षार्थियों ने भाग लिया। इन कार्यक्रमों के जरिए नवप्रवेशित छात्रों को विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली, परीक्षा प्रणाली और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों से अवगत कराया जा रहा है।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी: UOU के रुद्रपुर अध्ययन केंद्र में इंडक्शन कार्यक्रम संपन्न, कुलपति बोले-दूरस्थ शिक्षा ही उच्च शिक्षा का भविष्य

इसके अलावा, विश्वविद्यालय द्वारा सप्ताहांत में विशेष ऑफलाइन परामर्श सत्र भी संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें अब तक 1100 से अधिक शिक्षार्थी लाभान्वित हो चुके हैं। जनवरी 2026 सत्र के लिए ये सत्र 18 अप्रैल से दोबारा शुरू किए गए हैं।

विश्वविद्यालय ने शिक्षार्थियों के हित में निःशुल्क पुस्तक वितरण अभियान भी चलाया है, जिसके तहत हजारों छात्रों को अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई गई है, खासकर दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को इसका सीधा लाभ मिला है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: 22 सितंबर से सस्ती होंगी कई वस्तुएं व सेवाएं, वित्त विभाग ने जारी की संशोधित जीएसटी दरें

शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विश्वविद्यालय में 15 अस्थायी शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। साथ ही 9 प्रोफेसर, 2 एसोसिएट प्रोफेसर और 12 असिस्टेंट प्रोफेसर के स्थायी पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

मीडिया प्रभारी प्रो. राकेश चन्द्र रयाल ने बताया कि विश्वविद्यालय को छात्रों और अभिभावकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है और भविष्य में भी गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के प्रयास जारी रहेंगे।

कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय पारदर्शी प्रशासन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और छात्र हित को केंद्र में रखकर निरंतर आगे बढ़ रहा है, और हालिया उपलब्धियां इसी प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।

ADVERTISEMENTS Ad

You cannot copy content of this page