पटना। बिहार की राजधानी पटना से गुरुवार सुबह एक दर्दनाक नाव हादसे की खबर सामने आई। बाढ़ अनुमंडल क्षेत्र में गंगा नदी में यात्रियों से भरी नाव अचानक पलट गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन और SDRF की टीम मौके पर राहत एवं बचाव अभियान चला रही है।
जानकारी के अनुसार यह हादसा बाढ़ थाना क्षेत्र के उमानाथ घाट के पास हुआ। सुबह करीब पांच बजे दियारा क्षेत्र से सब्जियां लेकर लौट रही छोटी नाव तेज हवा और असंतुलन के कारण गंगा नदी में पलट गई। नाव पर करीब 14 से 16 लोग सवार बताए जा रहे हैं। इनमें महिलाएं और बच्चियां भी शामिल थीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक नाव जैसे ही गंगा के गहरे हिस्से में पहुंची, तेज हवा के झोंके के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया और वह अचानक पलट गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। जो लोग तैरना जानते थे या जिन्हें नाविक और स्थानीय लोगों ने समय रहते बचा लिया, वे किसी तरह बाहर निकल आए।
एसडीपीओ राम कृष्ण ने बताया कि अब तक सात लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि तीन लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों की पहचान लीला देवी (40), नीलम कुमारी (30) और काशी कुमार (15) के रूप में हुई है। सभी मृतक बाढ़ थाना क्षेत्र के मासूमगंज बिंद टोली के निवासी बताए जा रहे हैं।
प्रशासन के अनुसार कई लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश SDRF और स्थानीय गोताखोरों की मदद से जारी है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर कैंप कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
बताया जा रहा है कि नाव पर सवार लोग रोजाना की तरह गंगा पार दियारा क्षेत्र से हरी सब्जियां लेकर उमानाथ मंदिर घाट लौट रहे थे। वे मंदिर परिसर और आसपास के बाजारों में सब्जियां बेचकर अपना जीवनयापन करते हैं। अचानक हुए इस हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को मुआवजा और सुरक्षित नाव संचालन की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

