मिडिल ईस्ट जंग में ‘ड्रैगन एंगल’! अमेरिकी रिपोर्ट से खुलासा-चीन दे रहा ईरान को हथियार और खुफिया मदद

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वाशिंगटन। पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष अब खतरनाक वैश्विक मोड़ लेता नजर आ रहा है। अमेरिका और इजरायल के लगातार हमलों के बीच ईरान भी पलटवार कर रहा है और जंग 19वें दिन में प्रवेश कर चुकी है। इसी बीच एक अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा करते हुए संकेत दिया है कि इस युद्ध के पीछे अब एक और महाशक्ति की परछाई भी मौजूद है।

अमेरिकी कांग्रेस के अहम आयोग यूएस-चाइना इकोनॉमिक एंड सिक्योरिटी रिव्यू कमीशन की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक चीन गुपचुप तरीके से ईरान को आक्रामक ड्रोन, रॉकेट ईंधन बनाने वाले रसायन और सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम जैसी सैन्य मदद दे रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि फरवरी 2026 में हमलों से ठीक पहले दोनों देशों के बीच एंटी-शिप क्रूज मिसाइल का बड़ा सौदा लगभग तय हो चुका था, हालांकि अंतिम समय में डिलीवरी की शर्तों पर सहमति नहीं बन सकी।

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रिपोर्ट का एक और गंभीर दावा यह है कि चीन ने ईरान को सोडियम पर्क्लोरेट जैसे खतरनाक रसायन की आपूर्ति की अनुमति दी, जिसका इस्तेमाल मिसाइलों के ठोस रॉकेट ईंधन बनाने में किया जाता है। बताया गया है कि मार्च 2026 की शुरुआत में ईरानी जहाज इस रसायन की बड़ी खेप लेकर चीन के गाओलान बंदरगाह से रवाना हुए थे। इससे पहले भी जनवरी 2025 में करीब 1000 टन रसायन गुपचुप तरीके से भेजा गया था।

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इसके अलावा, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन ने 2021 में ही ईरान को अपने सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम तक सैन्य स्तर की पहुंच दे दी थी। इसी तकनीक की मदद से ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमले बेहद सटीक हो रहे हैं और पश्चिम एशिया में अमेरिकी व इजरायली ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है।

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इस खुलासे के बाद यह संघर्ष अब सिर्फ क्षेत्रीय नहीं रह गया है, बल्कि इसमें वैश्विक ताकतों की सीधी भागीदारी की आशंका गहराने लगी है। यदि हालात ऐसे ही बने रहे, तो यह जंग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और बड़े टकराव का रूप ले सकती है।

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