देहरादून। उत्तराखंड में भर्ती परीक्षाओं में हाईटेक तरीके से नकल कराने वाले गिरोह के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रैकेट के एक अहम सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों में अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लगाकर अभ्यर्थियों तक जवाब पहुंचाने का काम करता था। STF की कार्रवाई के बाद देहरादून स्थित एक परीक्षा केंद्र को भी सील कर दिया गया है।
यह पूरा मामला 13 फरवरी को आयोजित कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS) और हवलदार भर्ती परीक्षा से जुड़ा है। उसी दौरान देहरादून के एक ऑनलाइन परीक्षा केंद्र पर संगठित तरीके से नकल कराने का खुलासा हुआ था। जांच आगे बढ़ने पर STF को कई अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर शनिवार को कार्रवाई की गई।
उत्तराखंड STF के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि खुफिया सूचनाओं के आधार पर टीम ने नेहरू ग्राम स्थित सेंट जॉन अकादमी से दिल्ली के निहाल विहार निवासी ईश्वरी प्रसाद उर्फ इंद्रजीत शर्मा उर्फ इंदर को गिरफ्तार किया। आरोपी परीक्षा केंद्र की लैब में नकल से जुड़े उपकरण स्थापित करने की तैयारी कर रहा था।
STF ने आरोपी के कब्जे से एक लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, दो इंटरनेट राउटर, 14 मिनी ब्लूटूथ डिवाइस एवं रिसीवर, एक सिम बॉक्स, 20 बैटरियां, कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और फर्जी पहचान पत्र बरामद किए हैं। जांच में पता चला है कि इन्हीं उपकरणों के जरिए ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली को प्रभावित कर अभ्यर्थियों तक उत्तर पहुंचाए जाते थे।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी ने फरवरी में एमकेपी परीक्षा केंद्र पर सर्वर रूम, परीक्षा लैब और एक भूमिगत कक्ष तैयार करने में अहम भूमिका निभाई थी। STF को आशंका है कि यह नेटवर्क केवल एक केंद्र तक सीमित नहीं था, बल्कि कई अन्य स्थानों पर भी सर्वर प्रभावित किए गए थे।
एसएसपी अजय सिंह के अनुसार अब तक इस हाईटेक नकल गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है। STF अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और तकनीकी सहयोगियों की तलाश में जुटी हुई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सेंट जॉन अकादमी परीक्षा केंद्र को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि 18 मई को होने वाली SSC कांस्टेबल (GD) ऑनलाइन परीक्षा के लिए इसी संस्थान को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। STF ने पूरे मामले की जानकारी SSC के क्षेत्रीय निदेशक को भी भेज दी है।
भर्ती परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे हाईटेक नकल और धांधली के मामलों ने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। STF की इस कार्रवाई को परीक्षा माफिया के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।

