दिल्ली में दो युवकों की संदिग्ध मौत से हड़कंप: हल्द्वानी निवासी रवि गुप्ता व दोस्त गोलू के क्षत-विक्षत शव मिले

खबर शेयर करें

नई दिल्ली/हल्द्वानी। राजधानी दिल्ली में दो युवकों की रहस्यमयी मौत का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। मंडावली के पास आनंद विहार रेलवे ट्रैक के नजदीक हल्द्वानी के वैलेजली लॉज निवासी रवि गुप्ता (28) और उसके दोस्त गोलू (25) के शव संदिग्ध हालात में बरामद किए गए हैं। दोनों के शव अलग-अलग दिनों में, लेकिन महज 200 से 250 मीटर की दूरी पर मिले, जिससे मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। शवों की हालत और चोटों के निशान हत्या की आशंका को और मजबूत कर रहे हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गोलू का शव पांच जनवरी को जबकि रवि गुप्ता का शव छह जनवरी को रेलवे ट्रैक के समीप मिला था। दोनों शवों के जबड़े टूटे हुए पाए गए, जबकि सिर और चेहरे पर किसी धारदार हथियार अथवा लोहे की रॉड से हमले जैसे गहरे घाव के निशान मिले हैं। परिजनों का कहना है कि यदि ट्रेन से टक्कर होती तो शरीर के अंग क्षत-विक्षत या कटे हुए होते, जबकि ऐसा नहीं है, जिससे यह दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या का मामला प्रतीत होता है।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी: जैनरिक दवाएं छोड़ डॉक्टरों का ‘ब्रांड प्रेम’!...अब एसटीएच में नहीं चलेगा मरीजों की जेब पर वार, गिरेगी गाज

रवि की जेब से मिले पहचान पत्र के आधार पर सात जनवरी को भोटिया पड़ाव चौकी के माध्यम से उसके परिजनों को सूचना दी गई। दिल्ली पहुंचकर परिजनों ने शव की शिनाख्त की। गुरुवार शाम रवि का शव दिल्ली से हल्द्वानी लाया गया, जहां देर रात उसका अंतिम संस्कार किया गया। वहीं गोलू का शव लेने उसके परिजन दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं।

परिजनों के अनुसार, रवि एक निजी फाइनेंस कंपनी में कार्यरत था। उसकी शादी करीब दस साल पहले हुई थी और उसका आठ साल का बेटा है। 2025 की दिवाली से पहले उसकी पत्नी अंजलि गुप्ता अपने मायके मंडावली, दिल्ली चली गई थी। इसके बाद उसने रवि के खिलाफ पारिवारिक विवाद का मामला दिल्ली में दर्ज कराया था। इसी मामले में महिला सेल ने रवि को पांच जनवरी को पेश होने के लिए बुलाया था।

यह भी पढ़ें 👉  महाकुंभ 2025: नागा साधुओं का अद्भुत प्रदर्शन बना आकर्षण का केंद्र

चार जनवरी को रवि अपने आठ साल के बेटे के साथ दिल्ली के लिए रवाना हुआ था। रास्ते में उसका दोस्त गोलू, जो पेशे से ऑटो चालक बताया जा रहा है, उससे मिल गया और वह भी उसके साथ चला गया। पांच जनवरी की शाम तक रवि की अपने परिजनों से बातचीत होती रही, लेकिन इसके बाद अचानक उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। आखिरी बातचीत में रवि ने बताया था कि उसकी पत्नी बिना बताए उसका बेटा अपने साथ ले गई है, जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान था।

मोबाइल बंद होने के बाद हल्द्वानी में परिजन दिल्ली के रिश्तेदारों की मदद से उसकी तलाश में जुटे रहे, लेकिन ससुराल पक्ष की ओर से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। इसी बीच सात जनवरी को रवि की मौत की सूचना मिली। परिजनों का आरोप है कि दिल्ली पहुंचने पर जब उन्होंने शव देखा तो चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान साफ नजर आ रहे थे, जिससे हत्या की आशंका और गहरा गई।

यह भी पढ़ें 👉  Haldwani: नशे के खिलाफ पुलिस का एक्शन, 750 ग्राम चरस के साथ तस्कर गिरफ्तार

परिजनों का यह भी कहना है कि उन्होंने दिल्ली पुलिस के समक्ष हत्या की आशंका जताई, लेकिन उनकी शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की गई। ऐसे में वे शव को लेकर हल्द्वानी लौट आए। फिलहाल दो युवकों की इस रहस्यमयी मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं और परिजन मामले की निष्पक्ष व गहन जांच की मांग कर रहे हैं।

ADVERTISEMENTS

You cannot copy content of this page