हरिद्वार। चंडी देवी मंदिर रोपवे मार्ग के पास जंगल में मिले अज्ञात महिला के शव की गुत्थी को हरिद्वार पुलिस और सीआईयू की संयुक्त टीम ने सुलझा लिया है। करीब एक महीने तक चली गहन जांच के बाद पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रेम प्रसंग और शादी के दबाव से तंग आकर मुख्य आरोपी ने अपने भाई और जीजा के साथ मिलकर महिला की हत्या की साजिश रची थी।
रविवार को मायापुर स्थित पुलिस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 10 मई को चंडी देवी मंदिर के रोपवे मार्ग के पास बंद पड़े पैदल रास्ते पर झाड़ियों में एक अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ था। शव निर्वस्त्र अवस्था में था और काफी हद तक सड़ चुका था। घटनास्थल से टूटे आभूषण, मंगलसूत्र और अन्य सामान मिलने पर पुलिस ने हत्या की आशंका के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
टैटू बने पहचान का सबसे बड़ा सुराग
शुरुआती जांच में महिला की पहचान पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी। मृतका के दाहिने हाथ पर “कौशल्या” नाम और गमले का निशान, जबकि बाएं हाथ पर दिल के आकार में “KR” और हाथ के पीछे “ॐ” का टैटू बना हुआ था। इन्हीं निशानों को आधार बनाकर पुलिस ने विभिन्न राज्यों और एजेंसियों के रिकॉर्ड खंगाले।
पुलिस ने 1664 गुमशुदा महिलाओं और हजारों मतदाता अभिलेखों का सत्यापन किया, लेकिन शुरुआत में कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद जांच का फोकस तकनीकी साक्ष्यों पर केंद्रित किया गया।
600 घंटे की सीसीटीवी फुटेज और 1.64 लाख मोबाइल नंबरों की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल के पांच किलोमीटर के दायरे में लगे सीसीटीवी कैमरों की लगभग 600 घंटे की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान 8 मई की रात एक महिला और तीन पुरुषों को चंडी देवी की ओर जाते हुए देखा गया, लेकिन लौटते समय महिला उनके साथ नहीं थी।
इसके बाद पुलिस ने डंप डाटा के जरिए 1 लाख 64 हजार 605 मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया। तकनीकी जांच और लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस की टीम उत्तर प्रदेश के बांदा जिले तक पहुंची, जहां से मामले की अहम कड़ियां जुड़नी शुरू हुईं।
शादी का दबाव बना हत्या की वजह
पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी रामप्रकाश उर्फ गोविंदा का मृतका कौशल्या के साथ प्रेम संबंध था। हालांकि रामप्रकाश पहले से शादीशुदा था। पुलिस के अनुसार कौशल्या लगातार उस पर शादी करने का दबाव बना रही थी, जिससे वह परेशान था।
इसी दबाव से छुटकारा पाने के लिए उसने अपने भाई राकेश और जीजा छेदीलाल के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। योजना के तहत कौशल्या को चंडी देवी के दर्शन कराने के बहाने हरिद्वार बुलाया गया। सुनसान जंगल के रास्ते में ले जाकर उसका गला घोंट दिया गया और शव झाड़ियों में फेंक दिया गया।
आरोपियों को भरोसा था कि घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर शव मिलने पर पहचान नहीं हो पाएगी और वे बच निकलेंगे, लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच ने उनकी पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
तीन आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल और बैग बरामद
पुलिस ने मामले में रामप्रकाश उर्फ गोविंदा, राकेश और छेदीलाल को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों आरोपी बांदा जिले के निवासी हैं। उनके कब्जे से तीन मोबाइल फोन और एक पिट्ठू बैग बरामद किया गया है।
एसएसपी ने बताया कि यह एक बेहद जटिल ब्लाइंड मर्डर केस था, जिसमें शुरुआत में न तो मृतका की पहचान थी और न ही आरोपियों के बारे में कोई जानकारी। सीमित सुरागों और आधुनिक तकनीकी जांच के दम पर पुलिस टीम ने मामले का सफल खुलासा किया।
पुलिस टीम को मिला पुरस्कार
इस चर्चित हत्याकांड के खुलासे पर गढ़वाल परिक्षेत्र पुलिस के पुलिस महानिरीक्षक की ओर से पुलिस टीम को 5 हजार रुपये तथा एसएसपी कार्यालय की ओर से 2,500 रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की गई है।

