हल्द्वानी/सितारगंज। सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) हल्द्वानी की ट्रैप टीम ने ऊधमसिंहनगर जिले की सितारगंज तहसील में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए संग्रह अमीन और वरिष्ठ सहायक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। दोनों पर भूमि संबंधी कार्य और बैंक ऋण की आरसी समाप्त कराने के नाम पर शिकायतकर्ता से रिश्वत मांगने का आरोप है।
सतर्कता अधिष्ठान को मिली शिकायत के अनुसार तहसील सितारगंज में तैनात संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा और वरिष्ठ सहायक भूपेन्द्र सिंह राणा शिकायतकर्ता से उसकी भूमि पर जारी कुर्की आदेश समाप्त कराने, जमीन को बंधनमुक्त करने तथा शिकायतकर्ता की पत्नी के केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) लोन पर जारी आरसी की कार्रवाई खत्म कराने के बदले रिश्वत की मांग कर रहे थे।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि संग्रह अमीन ने ₹10,000 और वरिष्ठ सहायक ने ₹6,000 रिश्वत मांगी थी।
विजिलेंस ने बिछाया जाल, दोनों आरोपी गिरफ्तार
शिकायत की प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी के निर्देश पर निरीक्षक के नेतृत्व में ट्रैप टीम का गठन किया गया।
मंगलवार 29 जुलाई 2026 को विजिलेंस टीम ने सितारगंज तहसील कार्यालय में छापा मारकर संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा को ₹8,000 तथा वरिष्ठ सहायक भूपेन्द्र सिंह राणा को ₹6,000 की रिश्वत शिकायतकर्ता से लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
सतर्कता अधिष्ठान ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विवेचना शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों की गहन जांच की जा रही है।
भ्रष्टाचार की शिकायत करें, पहचान रहेगी गोपनीय
सतर्कता निदेशक डॉ. वी. मुरूगेशन ने आम जनता से भ्रष्टाचार के खिलाफ आगे आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत मांगता है या भ्रष्टाचार से जुड़ी कोई जानकारी हो तो इसकी सूचना सतर्कता अधिष्ठान के टोल-फ्री नंबर 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9456592300 पर दी जा सकती है। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

