देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय बना हुआ है। प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में आज गुरुवार को भी मूसलाधार बारिश के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून समेत छह जिलों के कुछ इलाकों में भारी बारिश, बिजली चमकने और तेज गर्जन को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बाद प्रशासन भी सतर्क हो गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के कुछ हिस्सों में आज तेज बारिश हो सकती है। इस दौरान आकाशीय बिजली चमकने और गरज के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना जताई गई है। खासकर पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम के अचानक करवट लेने की आशंका बनी हुई है।
25 अगस्त तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विभाग का कहना है कि प्रदेश में आने वाले दिनों में भी मौसम का मिजाज बदलने की संभावना कम है। 25 अगस्त तक प्रदेशभर में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। हालांकि बारिश की तीव्रता अलग-अलग क्षेत्रों में अलग रह सकती है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं, जबकि अन्य इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
लगातार बारिश के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में पहले से ही संवेदनशील सड़क मार्गों और नदी-नालों के आसपास अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने जैसी परिस्थितियां भी सामने आ सकती हैं।
देहरादून में आज स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए देहरादून जिले में आज कक्षा एक से 12वीं तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे। इसके साथ ही जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को भी बंद रखने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने मौसम की स्थिति और बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है।
पर्वतीय इलाकों में विशेष सतर्कता की जरूरत
बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में सफर करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज बारिश के दौरान नदी-नालों और बरसाती गदेरों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में सड़क पर मलबा आने से यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहती है।
मौसम विभाग के लगातार बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए लोगों से अनावश्यक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में जाने से बचने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की गई है। प्रशासन और संबंधित विभागों को भी बारिश से उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
