Uttarakhand: सर्दियों में उत्तराखंड को मिलेगी अतिरिक्त बिजली, केंद्रीय पूल से 73 मेगावाट का आवंटन

खबर शेयर करें

देहरादून। सर्दियों में उत्तराखंड में बढ़ने वाली बिजली की मांग को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्य के लिए अतिरिक्त विद्युत आवंटन को मंजूरी दी है। केंद्रीय क्षेत्र के विद्युत उत्पादन केंद्रों के अनआवंटित पूल से उत्तराखंड को अक्टूबर 2026 से मार्च 2027 तक कुल 73 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। यह व्यवस्था एक अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगी।

सर्दियों के दौरान प्रदेश में बिजली की खपत बढ़ जाती है। खासकर मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान गिरने के साथ ही हीटर, गीजर और अन्य विद्युत उपकरणों के इस्तेमाल में बढ़ोतरी होती है। ऐसे में अतिरिक्त बिजली का आवंटन राज्य की विद्युत व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। केंद्रीय पूल से मिलने वाली इस अतिरिक्त बिजली से बढ़ी हुई मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।

यह भी पढ़ें 👉  कालाढूंगी पुलिस ने 303 ग्राम चरस के साथ युवक को दबोचा

केंद्र की ओर से स्वीकृत आवंटन के अनुसार अक्टूबर 2026 में उत्तराखंड को 5 मेगावाट, नवंबर में 8 मेगावाट और दिसंबर में 16 मेगावाट अतिरिक्त बिजली मिलेगी। इसके बाद जनवरी 2027 में सर्वाधिक 19 मेगावाट, फरवरी में 16 मेगावाट और मार्च में 9 मेगावाट बिजली आवंटित की गई है। इस तरह छह महीने की अवधि में राज्य को कुल 73 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत उपलब्ध होगी।

यह भी पढ़ें 👉  राशिफल 04 जून 2025

आवंटन की मात्रा सर्दियों के अलग-अलग महीनों में बिजली की संभावित जरूरत को ध्यान में रखते हुए निर्धारित की गई है। जनवरी में 19 मेगावाट का सर्वाधिक आवंटन किया गया है, जबकि फरवरी में 16 और दिसंबर में 16 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध होगी। इससे सर्दियों के पीक डिमांड वाले समय में विद्युत आपूर्ति को बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की सर्दियों की बिजली आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त बिजली आवंटित किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय पूल से अतिरिक्त बिजली मिलने से प्रदेश में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड STF का बड़ा खुलासा, नकली दवाओं के गिरोह का भंडाफोड़, सरगना समेत छह गिरफ्तार

राज्य सरकार के मुताबिक सर्दियों में बिजली की उपलब्धता बनाए रखना प्रदेश की प्राथमिक आवश्यकताओं में शामिल है। अतिरिक्त केंद्रीय आवंटन से विद्युत मांग और उपलब्धता के बीच संतुलन बनाने में मदद मिलेगी। एक अक्टूबर से लागू होने वाली इस व्यवस्था का लाभ मार्च 2027 तक प्रदेश को मिलता रहेगा।

ADVERTISEMENTS

You cannot copy content of this page