हल्द्वानी। चाय की चुस्की हो और उसमें चीनी न हो तो स्वाद फीका पड़ना तय है। हल्द्वानी में मंगलवार को कांग्रेस ने इसी फीकेपन को महंगाई के खिलाफ अपने विरोध का हथियार बना लिया। तिकोनिया चौराहे पर महानगर कांग्रेस कमेटी की ओर से ‘महंगी चीनी, फीकी चाय’ कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां आमजन और राहगीरों को बिना चीनी की चाय पिलाकर बढ़ती महंगाई के खिलाफ सरकार पर निशाना साधा गया।
हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि फीकी चाय केवल प्रतीकात्मक विरोध नहीं है, बल्कि उस आम परिवार की परेशानी को सामने लाने का प्रयास है, जिसकी रसोई का बजट लगातार बढ़ती कीमतों से बिगड़ रहा है।
विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि महंगाई अब आम आदमी की चाय की मिठास तक छीन रही है। चीनी के साथ खाद्य तेल और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतें बढ़ने से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के सामने घरेलू खर्च चलाना चुनौती बनता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मुद्दा केवल एक कप चाय में चीनी कम होने का नहीं है, बल्कि उस परिवार का है जो त्योहारों पर अपने बच्चों और परिजनों के लिए खुशियां जुटाने का प्रयास करता है। रक्षाबंधन सामने है और इसके बाद जन्माष्टमी का पर्व भी आएगा। ऐसे में मिठाई, प्रसाद और दूसरी जरूरी सामग्री महंगी होने का सीधा असर परिवारों की जेब पर पड़ेगा।
‘सरकार आंकड़ों से नहीं, रसोई की हकीकत से महंगाई देखे’
सुमित हृदयेश ने कहा कि सरकार को महंगाई के आंकड़ों के बजाय आम आदमी की रसोई की वास्तविक स्थिति देखनी चाहिए। उस मां की चिंता समझनी चाहिए जो त्योहार पर अपने बच्चों के लिए मिठाई खरीदना चाहती है और उस बहन की भावना समझनी चाहिए जो रक्षाबंधन पर भाई को मिठाई खिलाना चाहती है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब पर्याप्त स्टॉक होने का दावा किया जा रहा है तो चीनी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी क्यों हो रही है। उन्होंने जमाखोरी और कालाबाजारी पर प्रभावी कार्रवाई की मांग भी की।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट ने कहा कि महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। चीनी और खाद्य तेल जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी का असर त्योहारों पर भी दिखाई देगा। उन्होंने सरकार से आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण और जमाखोरी-कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
तिकोनिया पर गूंजे महंगाई के खिलाफ नारे
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आमजन और राहगीरों को बिना चीनी की चाय पिलाई। इस दौरान ‘महंगी चीनी, फीकी चाय’, ‘महंगाई पर लगाम लगाओ’ और ‘आम जनता को राहत दो’ जैसे नारे लगाए गए।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि रक्षाबंधन और जन्माष्टमी जैसे पर्व सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का अहम हिस्सा हैं। त्योहारों के समय मिठाई और प्रसाद बनाने के लिए चीनी और खाद्य तेल जैसी वस्तुओं की जरूरत होती है। ऐसे में इनकी कीमतों में बढ़ोतरी का असर सीधे त्योहारों की खुशियों पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि जब चाय की मिठास और त्योहार की मिठाई दोनों महंगाई की चपेट में आने लगें, तो यह सरकार के लिए जनता की परेशानी समझने का समय है।
कार्यक्रम में विधायक सुमित हृदयेश, महानगर कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट, ललित जोशी, मलय बिष्ट, जया कर्नाटक, मधु सांगूड़ी, नीमा भट्ट, राधा आर्य, विमला सांगूड़ी, भागीरथी बिष्ट, कमला सनवाल, दीपा खत्री, हेम पांडे, किरन माहरा, हेमंत बगड़वाल, गिरीश पांडे, महेश कांडपाल, राजेंद्र बिष्ट, दीप पाठक, बहादुर बिष्ट, राकेश बृजवासी, विनोद कुमार, हिमांशु जोशी, महेशानंद, जीवन कार्की, अवध बिहारी शर्मा, गोविंद बगड़वाल, जगमोहन चिलवाल, राजू रावत, शंकर कोहली, प्रदीप नेगी, खीमानंद पांडे, संदीप भैसोड़ा, संजू उप्रेती, हेम जोशी, राजू सुयाल, मनोज टम्टा, कैलाश साह, संदीप पांडे, मनोज शर्मा, जीत सिंह, मनोहर सांगुड़ी, बंटू रहमान, प्रदीप बिष्ट, एडवोकेट कोमल जायसवाल, बबलू बिष्ट, उदित करायत समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
