Uttarakhand: कांग्रेस सत्ता में आई तो गैर उत्तराखंडियों की खरीदी जमीनों की होगी जांच : हरीश रावत

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देहरादून। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री Harish Rawat ने उत्तराखंड में तेजी से हो रही जमीनों की खरीद-फरोख्त को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि राज्य में जिस तेजी से जमीनें बेची जा रही हैं, उससे उत्तराखंड की संस्कृति, पहचान और सामाजिक संरचना पर खतरा मंडरा रहा है।

सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड में जमीन खरीद का कारोबार लगातार बढ़ रहा है और बड़ी संख्या में बाहरी लोग जमीनें खरीद रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस सत्ता में आती है तो गैर उत्तराखंडियों द्वारा खरीदी गई जमीनों का परीक्षण कराया जाएगा और पूरे मामले की समीक्षा की जाएगी।

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पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह राज्य के गांवों, गाड़-गदेरों और पर्वतीय क्षेत्रों की परिस्थितियों से भली-भांति परिचित हैं। आज भी गांवों में उत्तराखंड की मूल संस्कृति और परंपराएं जीवित हैं, लेकिन जिस तेजी से जमीनों की बिक्री हो रही है, वह चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा, “जब जमीन ही नहीं बचेगी तो संस्कृति भी नहीं बचेगी। उत्तराखंड की पहचान उसके गांव, खेत, जंगल और लोक परंपराएं हैं। इन्हें बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है।”

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हरीश रावत ने राज्य की अन्य प्रमुख समस्याओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर जंगलों में लगने वाली आग, शहरों में बढ़ते ट्रैफिक जाम और वन्यजीव विशेषकर बाघों के बढ़ते हमलों जैसी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब उत्तराखंड में भू-कानून और बाहरी लोगों द्वारा जमीन खरीदने का मुद्दा लगातार राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बना हुआ है। राज्य में कई संगठन और सामाजिक समूह लंबे समय से सख्त भू-कानून की मांग करते रहे हैं।

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हरीश रावत के इस बयान को आगामी चुनावों से पहले कांग्रेस की रणनीति और भू-कानून से जुड़े मुद्दों पर पार्टी के रुख के रूप में भी देखा जा रहा है। अब इस पर सत्तारूढ़ दल और अन्य राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया पर भी नजर रहेगी।

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