जुलाई 2026 सत्र से शुरू होंगे MOOCs पाठ्यक्रम, केंद्र सरकार से मिलेगा ₹67.50 लाख का अनुदान
हल्द्वानी। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के SWAYAM प्लेटफॉर्म पर विश्वविद्यालय को 5 नए ऑनलाइन MOOCs (मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेज) संचालित करने की स्वीकृति मिली है। ये सभी पाठ्यक्रम जुलाई 2026 सत्र से शुरू किए जाएंगे।
इन पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए विश्वविद्यालय को कुल ₹67.50 लाख का अनुदान मिलेगा। प्रत्येक 4 क्रेडिट कोर्स के लिए केंद्र सरकार की ओर से ₹13.50 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इससे ऑनलाइन एवं कौशल आधारित शिक्षा को और अधिक मजबूती मिलेगी।
स्वीकृत नए पाठ्यक्रमों में “ऑपरेशनल मैनेजमेंट ऑफ होमस्टे स्टार्ट-अप्स”, “माइक्रो फाइनेंस”, “डेवलपमेंट स्टडीज़ : इंट्रोडक्शन एंड थ्योरीज़”, “सीपीएस-3 असेसमेंट फॉर लर्निंग” और “बेसिक्स ऑफ एनालिटिकल लेबोरेटरी टेक्नीक्स” शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों को उद्यमिता, वित्त, शिक्षा, विकास अध्ययन और प्रयोगशाला तकनीकों जैसे आधुनिक विषयों की व्यावहारिक जानकारी मिलेगी।
विश्वविद्यालय वर्तमान में SWAYAM प्लेटफॉर्म पर 12 ऑनलाइन MOOCs पाठ्यक्रमों का सफल संचालन कर रहा है। वर्ष 2025-26 में विश्वविद्यालय के विभिन्न ऑनलाइन पाठ्यक्रमों में 69,771 शिक्षार्थियों ने नामांकन कराया, जबकि अब तक कुल नामांकन संख्या 2,34,153 तक पहुंच चुकी है।
विश्वविद्यालय का “इंट्रोडक्शन टू साइबर सिक्योरिटी” पाठ्यक्रम सबसे अधिक लोकप्रिय साबित हुआ है। इस कोर्स में अब तक 1,38,364 शिक्षार्थियों ने पंजीकरण कराया है और इसकी पहुंच 65 देशों तक हो चुकी है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहानी ने कहा कि विश्वविद्यालय गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि SWAYAM जैसे राष्ट्रीय मंच पर विश्वविद्यालय की बढ़ती उपस्थिति डिजिटल शिक्षा और कौशल आधारित शिक्षण के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि है। साथ ही भविष्य में भी रोजगारपरक और समाजोपयोगी ऑनलाइन पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे।

