Haldwani: बनभूलपुरा कांड के मुख्य आरोपी जावेद-अरशद ने किया सरेंडर, 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए

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हल्द्वानी। हल्द्वानी के चर्चित बनभूलपुरा कांड में अहम मोड़ आ गया है। मामले के मुख्य आरोपी जावेद सिद्दीकी और अरशद अयूब ने एडीजे प्रथम की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हुई, जिसमें नैनीताल हाईकोर्ट द्वारा दी गई डिफॉल्ट जमानत को रद्द कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट की पीठ में न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता शामिल थे, जिन्होंने आरोपियों को दो सप्ताह के भीतर ट्रायल कोर्ट में सरेंडर करने के निर्देश दिए थे।

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सरकार की ओर से दाखिल विशेष अनुमति याचिका में हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार करते हुए जमानत आदेश निरस्त कर दिया। इसके बाद तय समयसीमा के भीतर दोनों आरोपियों ने अदालत में समर्पण कर दिया।

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8 फरवरी 2024 को बनभूलपुरा में हुए दंगे के दौरान उग्र भीड़ ने पुलिस पर फायरिंग, पथराव और पेट्रोल बम से हमला किया था। कई पुलिस वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था और महिला पुलिसकर्मियों को थाने के भीतर बंद कर आग लगाने की कोशिश की गई थी। इस मामले में भारतीय दंड संहिता, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

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इस बीच, मामले के कथित मास्टरमाइंड अब्दुल मलिक को भी हाल ही में जमानत मिल चुकी है। उसे 24 फरवरी 2024 को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था और करीब 782 दिन जेल में रहने के बाद 16 अप्रैल को रिहा किया गया।

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