देहरादून: कुमाऊं की पहाड़ियों से निकलकर मायानगरी मुंबई में फिल्म निर्माण की दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाले गौरव वर्मा की कहानी छोटे शहरों से बड़े सपने लेकर निकलने वाले युवाओं के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है। पिथौरागढ़ जैसे छोटे शहर से शुरू हुआ उनका सफर उन्हें बॉलीवुड के बड़े प्रोडक्शन हाउस रेड चिलीज एंटरटेनमेंट तक ले गया। करीब नौ वर्षों तक शाहरुख खान की कंपनी के साथ काम करने के बाद अब गौरव अपने प्रोडक्शन बैनर अवनिका फिल्म्स के जरिए नई पारी शुरू कर रहे हैं।
उनकी प्रोडक्शन कंपनी की पहली फिल्म ‘प्रेम कीटाणु’ है, जो 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है। फिल्म के साथ गौरव के लिए यह सिर्फ एक नई रिलीज नहीं, बल्कि वर्षों के अनुभव के बाद अपने बैनर और अपनी सोच के साथ फिल्म निर्माण की दुनिया में आगे बढ़ने का बड़ा कदम है।
पिथौरागढ़ से मुंबई तक आसान नहीं था सफर
छोटे शहर में पले-बढ़े गौरव ने जब मुंबई की ओर कदम बढ़ाया, तब उनके सामने फिल्म इंडस्ट्री की चमक के पीछे छिपी कड़ी प्रतिस्पर्धा और संघर्ष की दुनिया थी। उन्होंने धीरे-धीरे इस उद्योग को समझा और अपने काम के दम पर पहचान बनाई।
मुंबई में उनकी मेहनत का बड़ा पड़ाव तब आया, जब उन्हें रेड चिलीज एंटरटेनमेंट के साथ काम करने का अवसर मिला। करीब नौ साल तक इस कंपनी से जुड़े रहकर उन्होंने फिल्म निर्माण के अलग-अलग पहलुओं को करीब से समझा। बड़े कलाकारों के साथ काम करने से लेकर कहानी को पर्दे तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया में उनका अनुभव लगातार बढ़ता गया।
शाहरुख खान के साथ काम का मिला बड़ा अनुभव
रेड चिलीज एंटरटेनमेंट के साथ काम करना गौरव के लिए खास अनुभव रहा। उन्हें शाहरुख खान के साथ करीब से काम करने और उनकी कंपनी के लिए कई महत्वपूर्ण फिल्मों के निर्माण से जुड़ने का मौका मिला।
एक निर्माता के तौर पर इस दौर में गौरव ने बड़े बजट की फिल्मों के साथ-साथ अलग विषयों और संवेदनशील कहानियों पर बनी फिल्मों की निर्माण प्रक्रिया को भी समझा। इस अनुभव ने उन्हें फिल्म निर्माण की रचनात्मकता के साथ-साथ प्रोडक्शन की व्यावहारिक चुनौतियों से भी परिचित कराया।
रेड चिलीज के साथ उनके काम से जुड़ी फिल्मों में ‘जवान’, ‘डार्लिंग्स’, ‘भक्षक’, ‘बदला’, ‘लव हॉस्टल’, ‘बॉब बिस्वास’, ‘क्लास ऑफ 83’, ‘कामयाब’ और ‘इत्तेफाक’ शामिल हैं।
इन फिल्मों के दौरान गौरव को बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों के साथ काम करने का अवसर मिला। इनमें बॉबी देओल, अभिषेक बच्चन, अमिताभ बच्चन, तापसी पन्नू, आलिया भट्ट, शेफाली शाह, विजय वर्मा और सान्या मल्होत्रा जैसे नाम शामिल हैं।
अब अपनी कंपनी से शुरू की नई पारी
करीब नौ साल तक बड़े प्रोडक्शन हाउस के साथ काम करने के बाद गौरव ने अपने अनुभव को स्वतंत्र रूप से आगे बढ़ाने का फैसला किया। उन्होंने अवनिका फिल्म्स नाम से अपनी प्रोडक्शन कंपनी शुरू की।
अवनिका फिल्म्स की पहली फिल्म ‘प्रेम कीटाणु’ है। अपने बैनर की पहली फिल्म होने के कारण यह प्रोजेक्ट गौरव के लिए व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों स्तरों पर बेहद महत्वपूर्ण है।
फिल्म में वीर पहाड़िया, आफिया सैयद, अपारशक्ति खुराना, राकेश बेदी और निखिल विजय प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन अपूर्व सिंह कार्की ने किया है।
बड़े नामों के बीच पहाड़ से निकले निर्माता की कहानी
गौरव वर्मा का सफर इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान किसी फिल्मी पृष्ठभूमि के सहारे नहीं, बल्कि काम और अनुभव के दम पर बनाई। पिथौरागढ़ जैसे छोटे शहर से निकलकर मुंबई की प्रतिस्पर्धी दुनिया में जगह बनाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।
रेड चिलीज जैसे प्रतिष्ठित बैनर के साथ लंबे समय तक काम करने के बाद अब अपनी कंपनी शुरू करना उनके करियर में एक स्वाभाविक लेकिन महत्वपूर्ण बदलाव माना जा सकता है। इस दौरान हासिल अनुभव अब उनके अपने प्रोडक्शन में दिखाई देने की उम्मीद है।
2 अक्टूबर को पर्दे पर आएगी ‘प्रेम कीटाणु’
गौरव वर्मा की पहली स्वतंत्र प्रोडक्शन फिल्म ‘प्रेम कीटाणु’ 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म की रिलीज के साथ गौरव के करियर का वह सपना भी एक नए मुकाम पर पहुंचेगा, जिसे उन्होंने कुमाऊं की पहाड़ियों से मुंबई तक पहुंचने के दौरान वर्षों तक संजोया।
छोटे शहर से निकलकर बड़े पर्दे तक पहुंचने की उनकी यह कहानी उन युवाओं के लिए भी संदेश है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद फिल्म, कला और रचनात्मक क्षेत्रों में बड़े सपने देखते हैं। गौरव की यात्रा बताती है कि बड़े शहरों की चमक तक पहुंचने के लिए प्रतिभा के साथ धैर्य, निरंतर मेहनत और सीखने की क्षमता भी उतनी ही जरूरी है।
