बागेश्वर। फ्रेंड्स क्लब बागेश्वर की ओर से आयोजित ऑल इंडिया चंदन राम दास मेमोरियल फुटबॉल टूर्नामेंट-2026 का आयोजन 30 अगस्त से 13 सितंबर तक बागेश्वर के ऐतिहासिक नुमाईश खेत मैदान में किया जाएगा। उत्तराखंड के पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय चंदन राम दास की स्मृति में आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में देशभर की शीर्ष फुटबॉल टीमें हिस्सा लेंगी।

आयोजक सचिव कमल शाह जगाती और अध्यक्ष मनोज कपकोटी ने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीमों के रहने, खाने और आने-जाने की व्यवस्था आयोजन समिति की ओर से की जाएगी। विजेता टीम को 1.51 लाख रुपये, उपविजेता को 51 हजार रुपये तथा ट्रॉफी प्रदान की जाएगी।
1996 से खेल प्रतिभाओं को मिल रहा मंच
आयोजक सचिव कमल शाह जगाती ने बताया कि फ्रेंड्स क्लब बागेश्वर वर्ष 1996 से लगातार फुटबॉल प्रतियोगिताओं का आयोजन करता आ रहा है। इन प्रतियोगिताओं ने क्षेत्र के युवाओं में फुटबॉल के प्रति रुचि बढ़ाने और उन्हें खेलों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि खेल गतिविधियों से युवा नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता को देखने के लिए हर वर्ष कुमाऊं सहित विभिन्न क्षेत्रों से हजारों खेल प्रेमी बागेश्वर पहुंचते हैं।
डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत होंगे टेक्निकल डायरेक्टर
आयोजन समिति ने इस वर्ष भी उत्तराखंड के प्रसिद्ध पूर्व राष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी, रेफरी, अंतरराष्ट्रीय कोच, राज्य आंदोलनकारी और अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत को टूर्नामेंट का टेक्निकल डायरेक्टर नियुक्त किया है।
उनके निर्देशन में मैच कमिश्नर किशन सोनी तथा रेफरी हर्षित चौहान, हिमांशु प्रजापति, रोशन चंद, सुशील रावत, रणवीर गुसाईं, वरुण चौहान और भूपाल सिंह नेगी प्रतियोगिता का संचालन करेंगे।
20 अगस्त तक कर सकते हैं टीमों की एंट्री
आयोजन समिति ने बताया कि देशभर की इच्छुक फुटबॉल टीमें 20 अगस्त तक प्रतियोगिता के लिए अपना पंजीकरण करा सकती हैं। टीम एंट्री के लिए 9411131550 और 8532945777 पर संपर्क किया जा सकता है।
‘युवा नशे, मोबाइल और फास्ट फूड से दूर रहें’
टेक्निकल डायरेक्टर डॉ. वीरेन्द्र सिंह रावत ने आयोजन समिति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका कुमाऊं मंडल से चार दशक पुराना जुड़ाव रहा है और उन्होंने खिलाड़ी, कोच एवं रेफरी के रूप में उत्तराखंड फुटबॉल के विकास के लिए लगातार कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि सभी को मिलकर प्रदेश में फुटबॉल और अन्य खेलों को बढ़ावा देने के लिए एकजुट होकर प्रयास करने होंगे, ताकि युवा नशे, फास्ट फूड और मोबाइल की लत से दूर रहकर खेलों की ओर आकर्षित हों। उन्होंने कहा कि राज्य में खेल नीति बनने से खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं और सरकार को खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए उन्होंने 25 महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए हैं।
डॉ. रावत ने कहा कि यदि प्रदेश के सभी 13 जिलों में विभिन्न खेलों की आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएं और प्रस्तावित स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी जल्द स्थापित हो, तो उत्तराखंड के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक पदक जीतकर राज्य और देश का नाम रोशन करेंगे।

