Uttarakhand: छात्रसंघ चुनाव में छात्राओं को मिलेगा 50% प्रतिनिधित्व, तीन दिन में प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश

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देहरादून। उत्तराखंड के राजकीय महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव को लेकर बड़ी पहल की तैयारी है। अब छात्रसंघ और छात्र परिषदों में छात्राओं को 50 फीसदी प्रतिनिधित्व देने की दिशा में सरकार ने कदम बढ़ा दिया है। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर तीन दिन के भीतर शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं।

सरकार के इस फैसले को उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें नेतृत्व के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में वर्तमान में 65 फीसदी से अधिक छात्राएं अध्ययनरत हैं। ऐसे में छात्रसंघों में उनके प्रतिनिधित्व को बढ़ाने की मांग लंबे समय से उठती रही है।

मौजूदा ढांचे में होगा बदलाव

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने शासकीय आवास पर वर्चुअल माध्यम से हुई बैठक में अधिकारियों को छात्रसंघों के मौजूदा प्रतिनिधित्व ढांचे में आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए। प्रस्ताव में छात्र परिषद और छात्रसंघों में छात्राओं के लिए 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का प्रावधान किया जाएगा।

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उन्होंने सभी राज्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को भी मौजूदा व्यवस्था में जरूरी संशोधन करने के निर्देश दिए हैं, ताकि आगामी छात्रसंघ चुनाव नई व्यवस्था के अनुरूप कराए जा सकें।

29 सितंबर को चुनाव की तैयारी

प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव 29 सितंबर को संभावित बताए जा रहे हैं। हालांकि, छात्राओं को 50 फीसदी प्रतिनिधित्व देने के लिए चुनाव से पहले मौजूदा प्रतिनिधित्व व्यवस्था में संशोधन करना जरूरी होगा।

कुलपतियों को छात्रसंघ चुनावों की तिथियां जल्द घोषित करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में चुनावी गतिविधियां जल्द तेज होने की संभावना है।

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छात्राओं की आवाज को मिलेगा मजबूत मंच

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि छात्राओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलने से उनकी समस्याओं को छात्रसंघ के मंच पर प्रभावी ढंग से उठाने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही छात्राओं के सुझावों को संस्थागत स्तर पर रखने और उन पर चर्चा कराने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

सरकार का मानना है कि छात्रसंघों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से महिला नेतृत्व को प्रोत्साहन मिलेगा, छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे भविष्य में सामाजिक एवं राजनीतिक नेतृत्व की भूमिका के लिए भी तैयार होंगी।

‘सेवा संकल्प अभियान’ पर भी हुई चर्चा

बैठक में सेवा संकल्प अभियान को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। उच्च शिक्षा मंत्री ने प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को अधिक से अधिक युवाओं को इस अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए।

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यह अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेश के राजकीय और निजी उच्च शिक्षण संस्थानों में आयोजित किया जाएगा। अभियान के तहत युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

इनमें भाषण प्रतियोगिता, चित्रकला प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता और युवा संवाद जैसे कार्यक्रम प्रमुख होंगे। अभियान के विभिन्न कार्यक्रमों में राज्यपाल, मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री भी प्रतिभाग करेंगे।

बैठक में ये अधिकारी और कुलपति रहे मौजूद

वर्चुअल बैठक में दून विश्वविद्यालय की कुलपति सुरेखा डंगवाल, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के कुलपति एसएस. बिष्ट, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति नवीन चन्द्र लोहनी, संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति रमाकांत पाण्डेय, श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय के कुलपति अम्बरीश महाजन, अपर सचिव उच्च शिक्षा मनुज गोयल और संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा एएस. उनियाल सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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