नैनीताल। ज्योलीकोट क्षेत्र में जलजनित रोगों की रोकथाम और प्रभावित लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। क्षेत्र में लगातार स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर लोगों की स्क्रीनिंग और जांच की जा रही है। विभिन्न स्वास्थ्य शिविरों में अब तक 390 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई है। वहीं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलीकोट में 81 लोगों की जांच की गई। इस दौरान 50 ब्लड सैंपल लिए गए, जबकि उपचार की आवश्यकता वाले 5 मरीजों को भर्ती किया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्र में लगातार निगरानी, स्क्रीनिंग, उपचार और लोगों को बीमारी से बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने में जुटी हैं।
पीएचसी ज्योलीकोट का संयुक्त निरीक्षण, व्यवस्थाओं का लिया जायजा
जलजनित रोगों को लेकर क्षेत्र में की जा रही स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की स्थिति जानने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलीकोट का संयुक्त निरीक्षण किया गया। अपर जिलाधिकारी सौरव असवाल, ब्लॉक प्रमुख डॉ. हरीश बिष्ट, नैनीताल विधानसभा क्षेत्र की विधायक सरिता आर्या, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने पीएचसी पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में उपलब्ध दवाइयों, बेड, ब्लड सैंपलिंग, जांच सामग्री और मरीजों के उपचार से संबंधित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली गई। अधिकारियों के अनुसार अस्पताल में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पर्याप्त एवं दुरुस्त पाई गईं।
अपर जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी मरीज को उपचार के दौरान किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। जलजनित रोगों से प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति को समय पर आवश्यक जांच और उपचार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी ढंग से संचालित करने और जरूरतमंद मरीजों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।
स्क्रीनिंग, उपचार और काउंसलिंग पर जोर
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि ज्योलीकोट क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार स्क्रीनिंग, उपचार एवं काउंसलिंग की जा रही है। प्रभावित लोगों की स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार मरीजों को उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जलजनित रोगों की रोकथाम में स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और आमजन से अपने-अपने क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने तथा लोगों को पानी उबालकर पीने के लिए जागरूक करने की अपील की। स्वास्थ्य विभाग का जोर बीमारी के इलाज के साथ-साथ इसके प्रसार को रोकने और लोगों को बचाव के उपायों के प्रति जागरूक करने पर भी है।
13 सितंबर को ज्योलीकोट में विशेषज्ञ डॉक्टरों की विशेष ओपीडी
जलजनित रोगों से ग्रसित मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श और उपचार उपलब्ध कराने के लिए 13 सितंबर 2026 को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलीकोट में विशेष विशेषज्ञ ओपीडी आयोजित की जाएगी।
विशेष ओपीडी में अलग-अलग समय पर विशेषज्ञ चिकित्सक मरीजों को परामर्श देंगे।
सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक
चंदन सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, हल्द्वानी के वरिष्ठ एम.डी. फिजीशियन डॉ. हिमांशु कुमार और गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. सिद्धांत मेहता मरीजों की जांच कर विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं एवं परामर्श प्रदान करेंगे।
दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक
इसके बाद सेंट्रल हॉस्पिटल, हल्द्वानी के डॉ. सचिन चक्रवर्ती द्वारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलीकोट में विशेषज्ञ ओपीडी सेवाएं प्रदान की जाएंगी।
इस तरह 13 सितंबर को सुबह से दोपहर तक ज्योलीकोट और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को विशेषज्ञ चिकित्सकों से सीधे परामर्श लेने का अवसर मिलेगा।
12 सितंबर को भी विशेषज्ञ टीम ने दी सेवाएं
इससे पहले 12 सितंबर 2026 को सिटी हॉस्पिटल, हल्द्वानी के डॉ. जगदीश भंडारी एवं उनकी टीम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलीकोट में विशेषज्ञ ओपीडी सेवाएं प्रदान कीं। इस दौरान मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेषज्ञ चिकित्सकों को क्षेत्र में उपलब्ध कराने का उद्देश्य जलजनित रोगों से प्रभावित मरीजों को समय पर बेहतर चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराना है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर मरीजों का उचित उपचार किया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग की अपील—लक्षणों को नजरअंदाज न करें
स्वास्थ्य विभाग ने ज्योलीकोट और आसपास के क्षेत्रवासियों से अपील की है कि जलजनित रोग से संबंधित किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या या लक्षण दिखाई देने पर इसे नजरअंदाज न करें। ऐसे मरीज तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ज्योलीकोट पहुंचकर चिकित्सकीय परामर्श लें।
विभाग ने लोगों से 13 सितंबर को आयोजित विशेष विशेषज्ञ ओपीडी का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है।
