देहरादून। उत्तराखंड में विकास योजनाओं को रफ्तार देने के लिए धामी सरकार गैरसैंण विधानसभा सत्र में पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट पेश कर सकती है। 27 अक्टूबर से भराड़ीसैंण में शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखा जाएगा। इसके लिए वित्त विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सभी विभागों से मिले प्रस्तावों की समीक्षा के बाद बजट को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
इस बार सरकार का खास फोकस केवल अतिरिक्त बजट के प्रावधान पर ही नहीं, बल्कि उपलब्ध धनराशि के बेहतर इस्तेमाल पर भी रहेगा। जिन विभागों ने स्वीकृत बजट खर्च नहीं किया है, उनकी बची हुई राशि दूसरे विभागों की जरूरतमंद विकास योजनाओं के लिए आवंटित की जा सकती है। इससे विकास कार्यों के लिए धन की उपलब्धता बढ़ाने के साथ ही सरकारी खजाने का प्रभावी प्रबंधन करने की कोशिश होगी।
पिछले साल मिला था 5,315 करोड़ का अनुपूरक बजट
प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 5,315 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश किया था। इसी आधार पर इस वर्ष भी अनुपूरक बजट का आकार पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, अंतिम राशि विभागीय प्रस्तावों की समीक्षा और वित्तीय जरूरतों के आकलन के बाद तय होगी।
वित्त सचिव दिलीप जावलकर के मुताबिक, सभी विभागों से प्राप्त प्रस्तावों का परीक्षण किया जा रहा है। इसके बाद बजट को अंतिम रूप दिया जाएगा। सरकार की कोशिश है कि आवश्यक विकास योजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराने के साथ ही बजट खर्च की प्रक्रिया को भी अधिक प्रभावी बनाया जाए।

