डीएम ललित मोहन रयाल के निर्देश, 15 दिन में देनी होगी रिपोर्ट, सुरक्षा मानकों में कमी मिली तो होगी कार्रवाई
नैनीताल। दिल्ली में हाल ही में हुए भीषण होटल अग्निकांड के बाद नैनीताल जिला प्रशासन ने जनसुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी Lalit Mohan Rayal ने जनपद के सभी होटल, गेस्ट हाउस, लॉज, होमस्टे, वाणिज्यिक मॉल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का व्यापक अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन ऑडिट कराने के निर्देश जारी किए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से प्रशासन, अग्निशमन विभाग, पुलिस, विद्युत विभाग, जल संस्थान और जिला विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की संयुक्त निरीक्षण समितियों का गठन किया गया है।
जारी आदेशों के अनुसार नगर क्षेत्रों में नगर मजिस्ट्रेट तथा ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित उप जिलाधिकारी समिति के अध्यक्ष होंगे। समिति में पुलिस, नगर निकाय, जल संस्थान, विकास प्राधिकरण, विद्युत सुरक्षा विभाग तथा अग्निशमन विभाग के अधिकारी शामिल रहेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था की होगी गहन जांच
निरीक्षण के दौरान भवनों में आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट), विद्युत वायरिंग की स्थिति, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, फायर एनओसी की वैधता और आपदा प्रबंधन संबंधी व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच की जाएगी।
इसके अलावा पार्किंग व्यवस्था, प्रवेश और निकास मार्गों की पर्याप्तता, अग्निकांड की स्थिति में राहत एवं बचाव वाहनों की आवाजाही, भवन मानचित्र के अनुरूप निर्माण तथा सुरक्षा मानकों के अनुपालन का भी परीक्षण किया जाएगा।
15 दिन में मांगी गई रिपोर्ट
जिलाधिकारी ने गठित समितियों को निर्देश दिए हैं कि जनपद के सभी संबंधित प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 15 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी प्रतिष्ठान में गंभीर अनियमितता, सुरक्षा मानकों का उल्लंघन या जनसुरक्षा के लिए खतरा पाया गया तो संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन की इस पहल को पर्यटन नगरी नैनीताल में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे होटल, होमस्टे और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

