देहरादून। कुंजापुरी मेले में पंजाबी गायक दलेर मेहंदी को मंच पर फटकार लगाने का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस प्रकरण पर प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह गायक दलेर मेहंदी और मिक्का सिंह से बात करेंगे। भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
दरअसल, कुंजापुरी मेले में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रस्तुति के दौरान दलेर मेहंदी को मंच पर टोका था। इसके बाद मामला सोशल मीडिया पर छा गया। अभिनेता अनुपम खेर और राजपाल यादव समेत कई कलाकारों की प्रतिक्रियाएं सामने आने के बाद विवाद ने और तूल पकड़ लिया है।
अनुपम खेर बोले- सार्वजनिक रूप से आरोप लगाना ठीक नहीं
अभिनेता अनुपम खेर ने सोशल मीडिया पर वायरल बयान में कहा कि वह दलेर मेहंदी को 25 से 30 वर्षों से जानते हैं और वह बड़े कलाकार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे, इसलिए पूरे घटनाक्रम के बारे में प्रत्यक्ष जानकारी नहीं है।
अनुपम खेर ने कहा कि संभव है कि दलेर मेहंदी ने लिप्सिंग की हो, लेकिन पिछले दो-तीन वर्षों से उनकी तबीयत ठीक नहीं चल रही है। ऐसे में सार्वजनिक रूप से आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि दलेर मेहंदी अपने वादे के मुताबिक कार्यक्रम में प्रस्तुति देने पहुंचे होंगे, इसलिए कलाकार के सम्मान का ध्यान रखा जाना चाहिए।
राजपाल यादव ने भी जताई नाराजगी
अभिनेता राजपाल यादव ने भी इस मामले में कलाकार के सम्मान का मुद्दा उठाया। सोशल मीडिया पर वायरल उनके बयान के मुताबिक, मंच पर किसी गायक के लिए अशोभनीय शब्दों का इस्तेमाल करना शोभा नहीं देता।
उन्होंने कहा कि कला को खरीदा नहीं जा सकता। कला जीवन है और जीवन का सम्मान होना चाहिए। राजपाल यादव ने दलेर मेहंदी की खराब सेहत का भी जिक्र किया। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर बहस और तेज हो गई है।
सुबोध उनियाल ने बताया क्यों टोका था
विवाद के बीच कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने भी अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान उन्हें लगा कि दलेर मेहंदी नशे में हैं, लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि उनकी स्थिति की वजह क्या थी। बाद में उन्हें बताया गया कि गायक की तबीयत खराब थी।
मंत्री ने कहा कि यदि दलेर मेहंदी की तबीयत ठीक नहीं थी तो आयोजकों या कार्यक्रम में मौजूद लोगों को इसकी जानकारी देनी चाहिए थी। उनके मुताबिक, कार्यक्रम में प्रस्तुति देने के लिए 35 लाख रुपये दिए गए थे और होटल में ठहरने की अलग से व्यवस्था की गई थी।
उनियाल ने कहा कि उनका मकसद संगीत को बदनाम करना नहीं था, लेकिन जब दलेर मेहंदी करीब 45 मिनट तक प्रस्तुति नहीं दे पाए तो जनप्रतिनिधि होने के नाते उन्होंने उन्हें टोका। उन्होंने यह भी कहा कि कलाकार का सम्मान होना चाहिए और कलाकार को भी अपने सम्मान का ध्यान रखना चाहिए।

