देहरादून-ऋषिकेश सड़क चौड़ीकरण परियोजना में पेड़ों की कटाई को लेकर हेमंत सिंह गौनिया की शिकायत, सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड में कार्रवाई दर्ज
हल्द्वानी। देहरादून-ऋषिकेश सड़क चौड़ीकरण परियोजना में करीब 3000 पेड़ों की प्रस्तावित कटाई और लगभग 160 पेड़ काटे जाने की सूचना का मामला अब सुप्रीम कोर्ट के Public Interest Litigation (PIL) (English) Cell तक पहुंच गया है। समाजसेवी एवं आरटीआई कार्यकर्ता हेमंत सिंह गौनिया ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में शिकायती पत्र भेजकर मामले में आवश्यक न्यायिक हस्तक्षेप तथा जरूरत पड़ने पर स्वतः संज्ञान लेने का अनुरोध किया है।
सुप्रीम कोर्ट के उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार हेमंत सिंह गौनिया की ओर से 10 जुलाई 2026 को भेजी गई letter-petition और email-petition को PIL (English) Section में प्राप्त कर डायरीबद्ध किया गया। दोनों पत्र-पिटिशनों को क्रमशः Inward No. 78629/SCI/PIL(E)/2026 और 86877/SCI/PIL(E)/2026 प्रदान किए गए हैं।
आरटीआई जवाब में हुई रिकॉर्ड की पुष्टि
सुप्रीम कोर्ट से प्राप्त आरटीआई जवाब में दोनों पत्र-पिटिशनों के PIL (English) Section में प्राप्त होने और संबंधित inward numbers के तहत डायरीबद्ध किए जाने की पुष्टि की गई है। आरटीआई जवाब के साथ दोनों पत्र-पिटिशनों से संबंधित कार्यालयीय noting की true copies भी उपलब्ध कराई गई हैं। एक पत्र-पिटिशन में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के संबंध में करीब 160 पेड़ों की कटाई की शिकायत दर्ज की गई है। सुप्रीम कोर्ट की PIL Cell की कार्यालयीय noting में इस पत्र-पिटिशन को संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखे जाने की प्रक्रिया दर्ज है।
30 जुलाई को Registrar स्तर पर दर्ज हुआ ‘B approved’
रिकॉर्ड के अनुसार संबंधित पत्र-पिटिशन पर Dealing Assistant, Branch Officer, Assistant Registrar और Deputy Registrar स्तर पर प्रक्रिया पूरी होने के बाद 30 जुलाई 2026 को Registrar (PIL-E) द्वारा “B approved” दर्ज किया गया। दूसरे पत्र में सरकारी परियोजना के कारण पेड़ों की कटाई का मामला उठाया गया है।
सुप्रीम कोर्ट की noting में इस पत्र-पिटिशन को PIL Guidelines के तहत scrutinize किए जाने की प्रक्रिया दर्ज है। इसी noting में यह उल्लेख भी किया गया है कि संबंधित मामले में मुख्यमंत्री द्वारा संज्ञान लिया गया है। इसके बाद पत्र-पिटिशन को अधिकारियों के स्तर पर अनुमोदन के लिए रखा गया और रिकॉर्ड में “may be approved” की noting दर्ज की गई।
PIL Guidelines के तहत होती है जांच
सुप्रीम कोर्ट के आरटीआई जवाब के अनुसार दोनों पत्र-पिटिशन PIL (English) Section में प्राप्त होकर संबंधित inward numbers के तहत डायरीबद्ध की गईं। कोर्ट ने अपने जवाब में यह भी बताया कि प्रत्येक letter-petition को PIL Guidelines के अनुसार scrutinize किया जाता है।
आरटीआई जवाब में यह जानकारी भी दी गई है कि संबंधित पत्र-पिटिशन की status/action taken report/order सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के Grievance Status के माध्यम से उपलब्ध है।
पेड़ों की कटाई पर पर्यावरण संरक्षण का सवाल
देहरादून-ऋषिकेश सड़क चौड़ीकरण परियोजना में बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई का मामला पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता रहा है। इसी को आधार बनाते हुए हेमंत सिंह गौनिया ने सुप्रीम कोर्ट से मामले में आवश्यक हस्तक्षेप की मांग की है।
उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार शिकायत सुप्रीम कोर्ट के PIL Cell तक पहुंची है, दोनों पत्र-पिटिशन डायरीबद्ध की गई हैं और उन पर PIL Cell स्तर पर कार्यालयीय जांच एवं अनुमोदन की प्रक्रिया दर्ज है। हालांकि, इन रिकॉर्डों से यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि सुप्रीम कोर्ट ने मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए कोई न्यायिक आदेश पारित कर दिया है। दस्तावेज फिलहाल शिकायत के प्राप्त होने और उस पर हुई प्रशासनिक/PIL Cell प्रक्रिया को प्रमाणित करते हैं।
