देहरादून। राजधानी देहरादून में आयोजित राज्य स्तरीय वंदे मातरम् कैंप में विभिन्न राज्यों से पहुंचे युवाओं ने राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक दायित्व को लेकर संवाद किया। मेरा युवा भारत, उत्तराखंड की ओर से आयोजित इस कैंप का उद्देश्य युवाओं को देश की विविध संस्कृति, सामाजिक सरोकारों और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन हुआ। राज्य निदेशक, मेरा युवा भारत, उत्तराखंड राहुल डबराल ने कैंप की रूपरेखा, उद्देश्यों और युवाओं के लिए प्रस्तावित गतिविधियों की जानकारी दी। हिमाचल प्रदेश से आए प्रतिभागियों ने वंदे मातरम् पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी।
त्रिवेंद्र रावत बोले- छोटी आदतों से विकसित होता है सिविक सेंस
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण, नागरिक अनुशासन, ईमानदारी और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी युवा जीवन का मूल आधार होना चाहिए।
उन्होंने प्लास्टिक के बढ़ते इस्तेमाल और इससे पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों के प्रति युवाओं को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि दैनिक जीवन की छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर सिविक सेंस विकसित किया जा सकता है और स्वच्छ एवं जिम्मेदार समाज के निर्माण में योगदान दिया जा सकता है।
सांसद रावत ने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका तय करने का आह्वान करते हुए कहा कि खेल, इंजीनियरिंग, विज्ञान, अंतरिक्ष या तकनीकी क्षेत्र—हर क्षेत्र में युवा अपना योगदान दे सकते हैं। उन्होंने युवाओं से यह विचार करने को कहा कि ‘विकसित भारत’ के निर्माण में उनका अपना योगदान क्या हो सकता है।
रेखा आर्या ने बेटियों की भागीदारी पर दिया जोर
कार्यक्रम में उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या भी मौजूद रहीं। उन्होंने कहा कि युवा भारत का भविष्य हैं। उन्होंने राष्ट्र निर्माण और प्रेरणादायी कार्यक्रमों में अधिक से अधिक बेटियों की भागीदारी सुनिश्चित करने और उन्हें नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए आगे आने का आह्वान किया।
वंदे मातरम् के ऐतिहासिक महत्व पर चर्चा
कैंप के बौद्धिक सत्र में डॉ. योगेश धस्माना ने द इम्पोर्टेंस ऑफ वंदे मातरम् विषय पर युवाओं से संवाद किया। इस दौरान वंदे मातरम् के ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम के अंतिम सत्र में राज्य एनएसएस अधिकारी डॉ. सुनैना रावत ने प्रतिभागियों को संबोधित किया। कार्यक्रम में उप निदेशक अविनाश कुमार सिंह, रोशन कुमार और बृजेश कौशिक समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

