Uttarakhand: धान की मड़ाई कर रही थीं महिलाएं, अचानक खेत में आ धमका गुलदार…जान बचाकर भागीं, गांव में दहशत

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बागेश्वर। खेत में धान की मड़ाई चल रही थी। महिलाएं रोज की तरह काम में जुटी थीं, तभी अचानक सामने गुलदार दिखाई दिया। कुछ पल पहले तक जहां खेत में कामकाज और बातचीत का माहौल था, वहीं गुलदार को देखते ही चीख-पुकार मच गई। महिलाएं काम छोड़कर अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित जगह की ओर भागीं। घटना गरुड़ तहसील के राजसेरा गांव की है।

शुक्रवार सुबह राजसेरा गांव की महिलाएं खेतों में धान की मड़ाई कर रही थीं। इसी दौरान अचानक गुलदार खेतों के पास आ पहुंचा। गुलदार को देखते ही महिलाओं में भगदड़ मच गई। किसी ने काम समेटने की नहीं सोची, सभी ने पहले अपनी जान बचाने के लिए खेत से बाहर निकलना ही बेहतर समझा।

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कुछ देर तक गुलदार खेतों के आसपास घूमता रहा। ग्रामीणों की हलचल और शोर के बीच वह झाड़ियों की ओर बढ़ गया और देखते ही देखते झाड़ियों में ओझल हो गया। गुलदार के जाने के बाद महिलाओं ने राहत की सांस ली, लेकिन घटना ने पूरे गांव को डरा दिया है।

पहले मवेशी निशाने पर थे, अब खेतों तक पहुंचा

ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय है। अब तक वह पालतू मवेशियों को निशाना बनाता रहा है, लेकिन दिनदहाड़े खेत में पहुंचने की घटना ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।

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ग्रामीण महिलाओं के लिए खेती रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है। धान की कटाई-मड़ाई से लेकर दूसरे कृषि कार्यों के लिए उन्हें खेतों में जाना ही पड़ता है। ऐसे में गुलदार की मौजूदगी ने उनके सामने नई परेशानी खड़ी कर दी है। महिलाओं का कहना है कि खेत में काम करते समय अब हर झाड़ी और आसपास की हलचल डराने लगी है।

बच्चों-बुजुर्गों को लेकर भी डर

ग्रामीणों को अब बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा की भी चिंता सताने लगी है। उनका कहना है कि गुलदार की लगातार मौजूदगी को हल्के में नहीं लिया जा सकता। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि यदि समय रहते गुलदार को नहीं पकड़ा गया तो वह किसी इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकता है।

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ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में पिंजरा लगाने और गुलदार को पकड़ने की मांग की है। साथ ही खेतों और आबादी के आसपास निगरानी बढ़ाने की अपील की है।

वन विभाग की गश्त और कैमरों से निगरानी

प्रभागीय वनाधिकारी पूरन चंद आर्य ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने बताया कि मौसम में बदलाव के साथ गुलदार की गतिविधियों में भी परिवर्तन देखने को मिलता है। वन विभाग की टीम संबंधित क्षेत्रों में लगातार गश्त कर रही है और कैमरों के माध्यम से भी निगरानी की जा रही है।

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