देहरादून। उत्तराखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब विदाई के अंतिम चरण में पहुंच गया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रदेश से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं और 3 अक्टूबर तक राज्य के अधिकांश हिस्सों से मानसून के पूरी तरह लौटने की संभावना है। इसके साथ ही प्रदेश में बारिश का दौर थमने और मौसम के शुष्क होने के संकेत हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक मानसून वापसी की रेखा फिलहाल गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा और नलिया से होकर गुजर रही है। मानसून की यह रेखा लगातार दक्षिण-पश्चिम से उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रही है और परिस्थितियां इसके आगे बढ़ने के अनुकूल बनी हुई हैं।
अगले कुछ दिन बारिश से राहत
मानसून की सक्रियता कमजोर पड़ने के साथ उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश की संभावना काफी कम रहेगी। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के सभी जनपदों में मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। इससे पहाड़ से लेकर मैदान तक लोगों को बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है।
सुबह-शाम बढ़ेगी ठंडक, मैदानी क्षेत्रों में कोहरा
मौसम शुष्क होने के साथ अब सुबह और देर रात के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट देखने को मिल सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के मैदानी इलाकों में हल्का कोहरा छाने की संभावना भी जताई है। आने वाले दिनों में सुबह के समय दृश्यता प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है।
पिछले 24 घंटे में तापमान सामान्य से अधिक
पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तराखंड के मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। मानसून की विदाई के साथ मौसम के मिजाज में बदलाव आने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
मानसून की वापसी के बाद प्रदेश में मौसम साफ रहने के दिनों की संख्या बढ़ने के साथ ही सुबह-शाम हल्की ठंडक और दिन में अपेक्षाकृत गर्मी का दौर देखने को मिल सकता है। पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम में बदलाव का असर मैदानी इलाकों की तुलना में पहले महसूस होने की संभावना है।

