हल्द्वानी। रिश्ते का भरोसा… कारोबार का लालच और फिर करोड़ों की संपत्ति का कथित खेल। मुखानी क्षेत्र में सामने आए धोखाधड़ी के इस मामले ने पुलिस को भी जांच के लिए मजबूर कर दिया है। छड़ायल नयाबाद की चंद्रानगर कॉलोनी निवासी भागीरथी जोशी ने फतेहपुर के नील पोखरा नंबर-2 निवासी भुवन चंद्र जोशी उर्फ कन्नू जोशी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि कारोबारी ने पहले उन्हें विश्वास में लेकर बहन बनाया, फिर प्रॉपर्टी कारोबार में निवेश और बैंक लोन दिलाने का भरोसा देकर संपत्ति के दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। बाद में उनकी करीब 2.58 करोड़ रुपये की संपत्ति बेचने और उनके नाम पर 1.70 करोड़ रुपये का बैंक लोन दिखाने का आरोप है।
पीड़िता के अनुसार, करीब दो वर्ष पहले आरोपी से उनकी मुलाकात हुई थी। आरोपी शराब का कारोबार करता था। बातचीत बढ़ी तो उसने उन्हें बहन बना लिया और अपने कारोबार से जुड़ी योजनाएं बताने लगा। आरोप है कि फरवरी 2024 से जुलाई 2025 के बीच उसने कारोबार बढ़ाने के लिए पीड़िता की जमीन के दस्तावेज तीन महीने के लिए मांगे। इसके बदले हर महीने 1.50 रुपये देने की बात कही गई।
भरोसा इतना बढ़ा कि पीड़िता ने संपत्ति से जुड़े दस्तावेज आरोपी को सौंप दिए। इसके बाद कहानी ने नया मोड़ लिया। आरोप है कि आरोपी ने बैंक से लोन दिलाने के नाम पर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने शुरू कर दिए। पीड़िता को यह भरोसा दिलाया गया कि बैंक की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी संपत्ति जल्द ही बंधक मुक्त करा दी जाएगी।
लेकिन शिकायत के मुताबिक, इसी दौरान उनकी संपत्ति करीब 2.58 करोड़ रुपये में बेच दी गई। इतना ही नहीं, पीड़िता के नाम पर करीब 1.70 करोड़ रुपये का बैंक लोन भी कागजों में दिखा दिया गया। जब उन्हें कथित लेनदेन और लोन की जानकारी हुई तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पीड़िता ने पूरे मामले में बैंक कर्मियों की मिलीभगत की आशंका भी जताई है।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने 29 सितंबर की रात मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। अब जांच टीम संपत्ति के दस्तावेज, बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड, बैंक लोन की फाइल, हस्ताक्षरों और कथित लेनदेन की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि संपत्ति की बिक्री और लोन की प्रक्रिया किस तरह पूरी हुई।
एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल ने बताया कि आरोपी को नोटिस भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। पीड़िता की ओर से उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

