Uttarakhand: धामी कैबिनेट के 22 फैसले…एकल नारी सम्मान योजना को मंजूरी, विधानसभा में पेश होगा 7412 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट

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कैबिनेट के फैसलों के अनुसार, समाज कल्याण विभाग की निशुल्क कोचिंग योजना के तहत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के परिवारों की वार्षिक आय सीमा दो लाख रुपये से बढ़ाकर आठ लाख रुपये कर दी गई है। इससे अधिक आय सीमा के कारण योजना का लाभ नहीं ले पाने वाले पात्र विद्यार्थियों को भी निशुल्क कोचिंग की सुविधा मिल सकेगी।

एकल महिलाओं के लिए सम्मान योजना को मंजूरी

कैबिनेट ने प्रदेश की निराश्रित महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के माध्यम से एकल महिलाओं के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देने का लक्ष्य है। योजना के तहत पात्रता, लाभ और क्रियान्वयन से संबंधित विस्तृत जानकारी शासन स्तर पर जारी होने वाले दिशा-निर्देशों के अनुसार होगी।

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सड़क और पुल निर्माण की स्वीकृति प्रक्रिया होगी सरल

प्रदेश में सड़क और पुल निर्माण से संबंधित कार्यों को गति देने के लिए कैबिनेट ने दोनों के निर्माण की स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई। अब सड़क और पुल निर्माण के लिए अलग-अलग स्वीकृतियों के स्थान पर एक ही स्वीकृति से कार्य किए जाने की व्यवस्था लागू की जाएगी। इससे निर्माण कार्यों की प्रक्रिया आसान होने और समय की बचत होने की उम्मीद है।

इसके अलावा उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेडा) के ढांचे के पुनर्गठन और कनिष्ठ अभियंता के पदों को उच्चीकृत करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।

विद्यार्थियों और दिव्यांगजनों को राहत

कैबिनेट ने ऊधम सिंह नगर जिले में स्थित राजकीय आश्रम पद्धति बालिका आवासीय विद्यालय को उच्चीकृत कर हाईस्कूल का दर्जा देने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की। इससे छात्राओं को विद्यालय स्तर पर आगे की पढ़ाई का अवसर मिलेगा।

उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाओं में दिव्यांग विद्यार्थियों को पांच अंकों की छूट देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। वहीं, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) के ढांचे के पुनर्गठन पर भी कैबिनेट ने सहमति जताई।

प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में केंद्रीय किचन स्थापित करने के लिए अन्नामृत फाउंडेशन को भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इन किचन के माध्यम से योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्य है।

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खिलाड़ियों को रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा

प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए कैबिनेट ने राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसके साथ ही प्रदेश के प्रत्येक जिले में मुख्य खेल प्रशिक्षक तैनात किए जाएंगे।

इस निर्णय से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण की बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराने और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद मिलने की उम्मीद है।

दो निजी विश्वविद्यालयों को मंजूरी

कैबिनेट ने हरिद्वार में आरोग्यम विश्वविद्यालय और बीएमएस विश्वविद्यालय की स्थापना के प्रस्तावों को मंजूरी दी। इससे प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए संस्थानों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा।

वहीं, प्रदेश में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड के गठन को भी मंजूरी दी गई। इसके माध्यम से साहसिक पर्यटन गतिविधियों के विकास और प्रबंधन को व्यवस्थित करने की दिशा में काम किया जाएगा।

प्रशासनिक ढांचे और सेवा नियमावलियों में बदलाव

कैबिनेट ने निदेशालय विभागीय लेखा के संरचनात्मक ढांचे में मिनिस्टीरियल संवर्ग के पदों के पुनर्गठन को मंजूरी दी। इसके अलावा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समूह-ग और समूह-घ कर्मचारियों के लिए सेवा नियमावली को स्वीकृति प्रदान की गई।

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स्टांप संबंधी वादों के निस्तारण के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना को भी मंजूरी मिली। इस योजना का उद्देश्य निर्धारित शर्तों के अनुसार लंबित मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया को आसान बनाना है।

कैबिनेट ने समान नागरिक संहिता के प्रावधानों में लिपिकीय त्रुटियों को सुधारने के लिए संशोधन को मंजूरी दी। उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 में जनजातियों की सूची में दर्ज ‘जन्नासारी’ शब्द को संशोधित कर ‘जौनसारी’ करने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई गई।

इसके साथ ही उत्तराखंड विधि संशोधन विधेयक, 2026 को अधिनियमित करने की मंजूरी दी गई। उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग की वर्ष 2019-22 की वार्षिक रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

कैबिनेट के इन फैसलों में सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, खेल, पर्यटन और प्रशासनिक सुधारों पर विशेष जोर दिया गया। अब संबंधित विभागों की ओर से मंजूर प्रस्तावों को लागू करने के लिए आवश्यक अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

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