ज्योतिर्मठ। उत्तराखंड में शुक्रवार को एक बड़ा हेलीकॉप्टर हादसा हो गया। बदरीनाथ धाम से देहरादून के सहस्त्रधारा हेलीपोर्ट के लिए रवाना हुआ ट्रांस भारत एविएशन का हेलीकॉप्टर ज्योतिर्मठ क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में पायलट समेत हेलीकॉप्टर में सवार सभी छह लोगों की मौत हो गई। दुर्घटना हाथी पहाड़ के ऊपर चांई गांव और लामबगड़ के बीच जंगल में हुई।
हादसे की सूचना मिलते ही सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की टीमें मौके पर पहुंच गईं। दुर्गम क्षेत्र में राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। बचाव दलों ने मृतकों के शवों को जंगल से सड़क तक पहुंचाने की कार्रवाई की।
ज्योतिर्मठ के उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही संबंधित बचाव एजेंसियों को सक्रिय कर दिया गया था। जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट किया।
पायलट समेत छह लोगों की मौत
हेलीकॉप्टर में दिल्ली निवासी पायलट कैप्टन हिमांशु सभरवाल (48) के अलावा कर्नाटक निवासी पांच यात्री सवार थे। मृतकों में प्रतापा (41), अरुण सालुंके (44), वीबी शंकर गौड़ा (39), सुधीर के. (50) और एचएस नटराजा (51) शामिल हैं। हादसे में सभी छह लोगों की जान चली गई।
माणा गांव घूमकर लौट रहे थे यात्री
जानकारी के अनुसार, हेलीकॉप्टर में सवार यात्री देश के प्रथम गांव माणा का भ्रमण करने के बाद वापस लौट रहे थे। बदरीनाथ धाम से सहस्त्रधारा हेलीपोर्ट के लिए उड़ान भरने के दौरान ज्योतिर्मठ क्षेत्र में हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। क्षेत्र में खराब मौसम को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।
पहले भी सामने आ चुकी हैं आपात लैंडिंग की घटनाएं
ट्रांस भारत एविएशन के हेलीकॉप्टर से जुड़ी इससे पहले भी दुर्घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कंपनी के हेलीकॉप्टर की केदारनाथ मंदिर के पास और सेरसी हेलीपैड के निकट सड़क पर क्रैश लैंडिंग हो चुकी है। कुछ दिन पहले इसी कंपनी के एक हेलीकॉप्टर को टिहरी जिले के चंबा के पास आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी थी। ताजा हादसे ने एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

