सोल। उत्तर कोरिया ने गुरुवार को करीब एक दर्जन बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं बढ़ा दी हैं। दक्षिण कोरिया की सेना के मुताबिक, कम दूरी की इन मिसाइलों को उत्तर कोरिया के वॉनसन इलाके से पूर्वी सागर (ईस्ट सी) की ओर प्रक्षेपित किया गया। घटनाक्रम के बाद दक्षिण कोरियाई सेना ने निगरानी बढ़ा दी है और संभावित नए मिसाइल परीक्षणों को लेकर सतर्कता बरत रही है।
दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (जेसीएस) के अनुसार, मिसाइलें स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 12:30 बजे दागी गईं। इनकी मारक क्षमता और तकनीकी विशेषताओं का आकलन किया जा रहा है। सेना ने कहा कि घटनाक्रम से संबंधित जानकारी अमेरिका और जापान के साथ साझा की जा रही है, ताकि क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था पर समन्वय बनाए रखा जा सके।
पिछले मिसाइल परीक्षण के करीब दो सप्ताह बाद नई कार्रवाई
उत्तर कोरिया का यह प्रक्षेपण 12 अक्टूबर को किए गए मिसाइल परीक्षण के करीब दो सप्ताह बाद सामने आया है। उस समय प्योंगयांग ने सामरिक बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण करने का दावा किया था। उत्तर कोरिया के मुताबिक, उस परीक्षण का उद्देश्य हथियार प्रणाली के एक महत्वपूर्ण हिस्से की क्षमता बढ़ाना था।
लगातार सामने आ रहे मिसाइल परीक्षणों के बीच दक्षिण कोरिया और उसके सहयोगी देश उत्तर कोरिया की सैन्य गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।
एआई आधारित टॉरपीडो प्रणाली के परीक्षण का भी दावा
उत्तर कोरिया ने 17 अक्टूबर 2026 को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से लैस अपनी नई ‘जाम-2.0’ (जेडएम-2.0) टॉरपीडो हथियार प्रणाली का पानी के भीतर परीक्षण करने का दावा किया था। सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए ने अगले दिन इस परीक्षण की जानकारी दी थी।
उत्तर कोरिया के अनुसार, इस प्रणाली में लक्ष्य की पहचान करने और उस पर सटीक निशाना साधने के लिए एआई तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। प्योंगयांग ने यह भी दावा किया कि परीक्षण के दौरान प्रणोदन प्रणाली की दक्षता और रॉकेट प्रणोदन उपकरणों के प्रदर्शन में सुधार से जुड़ी महत्वपूर्ण तकनीकों की पुष्टि हुई।
180 से अधिक परीक्षण करने का दावा
उत्तर कोरिया के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में इस टॉरपीडो प्रणाली से संबंधित 180 से अधिक परीक्षण किए जा चुके हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

