Haldwani: सीजनल इन्फ्लूएंजा को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश

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हल्द्वानी। सीजनल इन्फ्लूएंजा (H1N1) और अन्य श्वसन तंत्र संबंधी रोगों की रोकथाम एवं प्रभावी उपचार को लेकर नैनीताल स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। संभावित मामलों को देखते हुए जिले के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित रखने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी नैनीताल डॉ. रश्मि पंत की अध्यक्षता में शिविर कार्यालय हल्द्वानी में वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी, बेस चिकित्सालय हल्द्वानी, बीडी पांडे जिला चिकित्सालय नैनीताल, संयुक्त चिकित्सालय रामनगर सहित जिले के सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रमुख अधीक्षक, चिकित्सा अधीक्षक और प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

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सीएमओ ने सभी चिकित्सा इकाइयों को निर्देश दिए कि सीजनल इन्फ्लूएंजा और H1N1 के संभावित मामलों को देखते हुए पर्याप्त संख्या में बेड आरक्षित रखे जाएं। अस्पतालों में ऑक्सीजन, आवश्यक उपकरण, जांच सुविधाएं और उपचार संबंधी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के साथ इनकी नियमित समीक्षा भी की जाए। आवश्यक दवाओं और चिकित्सा सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सकीय स्टाफ को तैयार रखने को कहा गया।

डॉ. रश्मि पंत ने कहा कि श्वसन संबंधी संक्रमण के मामलों में समय पर पहचान और उपचार बेहद महत्वपूर्ण है। संदिग्ध मरीजों की स्क्रीनिंग एवं निगरानी में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। गंभीर लक्षण वाले मरीजों को उनकी स्थिति के अनुसार तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्र पर रेफर किया जाए, ताकि उन्हें समय पर विशेषज्ञ उपचार मिल सके।

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उन्होंने कहा कि सीजनल इन्फ्लूएंजा को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि सावधानी और सतर्कता जरूरी है। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य है कि बीमारी बढ़ने से पहले ही जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार रहें। प्रत्येक अस्पताल में पर्याप्त बेड, आवश्यक दवाएं, ऑक्सीजन और अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। मरीजों के उपचार में किसी भी स्तर पर कमी नहीं रहनी चाहिए।

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सीएमओ ने आमजन से भी अपील की कि बुखार, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में परेशानी या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर चिकित्सकीय परामर्श लें। उन्होंने कहा कि सावधानी, समय पर जांच और सही उपचार इन्फ्लूएंजा से बचाव के प्रभावी उपाय हैं।

बैठक में डॉ. रजत भट्ट, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉ. मनोज कांडपाल, जिला सर्विलांस अधिकारी, डॉ. रेनू सूठा सहित संबंधित चिकित्सा अधिकारी मौजूद रहे।

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