टैक्स चोरी: ट्रांसपोर्टरों के नेटवर्क के आगे राज्य कर विभाग बेबस, ‘लोकेशन गेम’ से बचाए जा रहे माल से लदे ट्रक

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हल्द्वानी/रुद्रपुर। कुमाऊं मंडल के रुद्रपुर, काशीपुर, किच्छा और हल्द्वानी में ट्रांसपोर्ट कारोबार की आड़ में टैक्स चोरी का खेल लगातार फल-फूल रहा है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि टैक्स चोरी में लिप्त कथित ट्रांसपोर्टरों के नेटवर्क के आगे राज्य कर विभाग बौना साबित हो रहा है। विभागीय टीमें चेकिंग के नाम पर छोटे-छोटे कारोबारियों को पकड़कर कार्रवाई की इतिश्री कर रही हैं, जबकि बड़े टैक्स चोर माफिया लोकेशन के खेल के सहारे खुलेआम टैक्स चोरी के माल को इधर से उधर कर रहे हैं। चर्चा है कि ऊधमसिंह नगर में विभागीय टीमों ने कुछ वाहनों को पकड़कर उनमें बरामद माल के आधार पर जुर्माने की कार्रवाई भी की, लेकिन बड़ी मछलियां अब भी विभाग की पकड़ से बाहर हैं।

सूत्र बताते हैं कि विभागीय कार्रवाई से बचने के लिए अब टैक्स चोरी के वाहनों की मूवमेंट पूरी तरह लोकेशन के हिसाब से कराई जा रही है। इस पूरे खेल में विभाग के ही कुछ कथित अधिकारियों की भूमिका भी चर्चा में है, जो विभाग की हर कार्रवाई की पल-पल की जानकारी कथित ट्रांसपोर्टरों तक पहुंचा रहे हैं। आरोप है कि यही कारण है कि चेकिंग शुरू होने से पहले ही टैक्स चोरी का नेटवर्क सतर्क हो जाता है और अपने वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर रोक देता है, ताकि टीम की नजर उन तक न पहुंच सके।

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बताया जा रहा है कि इन कथित अधिकारियों की दिल्ली व अन्य शहरों से टैक्स चोरी का माल भेजने वाले ट्रांसपोर्टरों के साथ भी गहरी सांठगांठ है। इसी सांठगांठ के दम पर बाहरी राज्यों से आने वाले बड़े-बड़े ट्रकों के चालकों को हर समय विभागीय चेकिंग की जानकारी दी जाती है। यदि कहीं जांच अभियान चल रहा होता है तो चालकों को तुरंत अलर्ट कर वाहन दाएं-बाएं खड़ा करवा दिए जाते हैं। जैसे ही चेकिंग हल्की पड़ती है या टीम आगे बढ़ती है, ट्रक चालकों को धीरे-धीरे आगे बढ़ने का इशारा दे दिया जाता है।

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सूत्रों के अनुसार टैक्स चोरी के इस नेटवर्क से जुड़े कथित ट्रांसपोर्टरों ने अलग-अलग स्थानों पर अपने गोपनीय और निजी गोदाम बना रखे हैं, जहां बड़े पैमाने पर बिना बिल और बिना टैक्स का माल स्टोर किया जा रहा है। इन गोदामों में दिन-रात ट्रकों से माल उतर रहा है और फिर वहीं से बाजारों में सप्लाई किया जा रहा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इन गोदामों और टैक्स चोरी के अड्डों की पूरी जानकारी विभागीय अधिकारियों को होने के बावजूद अब तक कोई बड़ी कार्रवाई सामने नहीं आई है।

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ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि जब विभाग को टैक्स चोरी के पूरे नेटवर्क, गोदामों और इसमें शामिल लोगों की जानकारी है, तो आखिर अब तक निर्णायक कार्रवाई क्यों नहीं की गई? फिलहाल हालात यही बयां कर रहे हैं कि कुमाऊं में टैक्स चोरी का यह खेल विभागीय दावों से कहीं ज्यादा मजबूत हो चुका है और जिम्मेदार तंत्र इसकी रफ्तार रोकने में नाकाम नजर आ रहा है।

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