सोनम वांगचुक ने बढ़ाई भूख हड़ताल, बोले- सांसदों से मुलाकात की अनुमति मिलने तक नहीं तोड़ूंगा उपवास

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नई दिल्ली। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि जब तक युवा प्रदर्शनकारियों को संसद भवन में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं दी जाती या उन्हें अस्पताल में सांसदों से मिलने की इजाजत नहीं मिलती, तब तक वह अपना उपवास समाप्त नहीं करेंगे।

दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से जारी एक हस्तलिखित बयान में वांगचुक ने कहा कि ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ हुए व्यवहार से वह बेहद आहत हैं। उन्होंने कहा कि इसी कारण उन्होंने अपना उपवास आगे भी जारी रखने का निर्णय लिया है।

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वांगचुक ने अपने बयान में लिखा कि यदि सरकार सांसदों से मुलाकात की अनुमति देती है या उन्हें अस्पताल में जनप्रतिनिधियों से मिलने दिया जाता है, तभी वह अपना फैसला बदलने पर विचार करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे पहले सरकार शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय करेगी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से भी जवाब मांगा जाएगा।

उन्होंने प्रदर्शन में शामिल युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि उकसावे के बावजूद उन्होंने शांतिपूर्ण और संयमित व्यवहार किया। वांगचुक ने सरकार और दिल्ली पुलिस से अपील की कि छात्रों को संसद के समक्ष अपनी शिकायतें रखने का लोकतांत्रिक अवसर दिया जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदर्शनकारी आगे भी शांति बनाए रखेंगे।

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गौरतलब है कि 21 दिनों की भूख हड़ताल के बाद 18 जुलाई को तबीयत बिगड़ने पर दिल्ली पुलिस उन्हें जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। पुलिस का कहना था कि यह कार्रवाई डॉक्टरों की सलाह और अदालत के निर्देशों के अनुरूप की गई। हालांकि, वांगचुक के समर्थकों का आरोप है कि उन्हें अस्पताल में ‘गैर-कानूनी हिरासत’ में रखा गया है, जिसे प्रशासन ने खारिज कर दिया है।

इससे पहले सोनम वांगचुक ने कहा था कि वह अपना उपवास तभी समाप्त करेंगे, जब सरकार शिक्षा प्रणाली में कथित विफलताओं की जिम्मेदारी स्वीकार करेगी या संसद के मानसून सत्र में इस मुद्दे पर चर्चा कराने का आश्वासन दिया जाएगा। लेकिन ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान हुई घटनाओं के बाद उन्होंने भूख हड़ताल जारी रखने का फैसला किया।

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उल्लेखनीय है कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन चला रही है। सोनम वांगचुक 28 जून से इस आंदोलन के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।

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