सार्वजनिक वितरण प्रणाली को हाईटेक बनाएगी मोदी सरकार, ‘सार्थक-पीडीएस’ योजना को 2031 तक मंजूरी

खबर शेयर करें

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने घोषणा की है कि सरकार ने ‘सार्थक-पीडीएस’ योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का फैसला किया है। इस योजना का उद्देश्य देश के हर जरूरतमंद तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाना और राशन वितरण व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल एवं प्रभावी बनाना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि पीडीएस के जरिए हर पात्र व्यक्ति तक समय पर खाद्यान्न पहुंचे। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से राशन डिलीवरी, लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन प्रणाली अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगी, वहीं शिकायतों के समाधान में भी तेजी आएगी।

यह भी पढ़ें 👉  अश्लील वीडियो विवाद में DGP रामचंद्र राव सस्पेंड, अधिकारी ने आरोपों को बताया साजिश

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (सीसीईए) ने इस योजना को मंजूरी दी है। केंद्र सरकार इस योजना पर करीब 25,530 करोड़ रुपये खर्च करेगी। यह योजना 31 मार्च 2031 तक लागू रहेगी।

सरकार ने दो प्रमुख योजनाओं को मिलाकर ‘सार्थक-पीडीएस’ का नया ढांचा तैयार किया है। इसमें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत खाद्यान्न परिवहन और फेयर प्राइस शॉप डीलरों को सहायता देने वाली योजना तथा स्मार्ट पीडीएस योजना को एकीकृत किया गया है।

यह भी पढ़ें 👉  दिल्ली में पेट्रोल-डीजल वाहनों पर सख्ती की तैयारी, नई EV पॉलिसी ड्राफ्ट जारी, इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर मिलेगी भारी सब्सिडी

नई योजना का उद्देश्य सिर्फ राशन वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम को तकनीक आधारित और नागरिक-केंद्रित बनाना है। सरकार चाहती है कि राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़े, गड़बड़ियों पर रोक लगे और अंतिम व्यक्ति तक खाद्यान्न की बेहतर डिलीवरी सुनिश्चित हो सके।

योजना के तहत अब पीडीएस सिस्टम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल), नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (एनएलपी) और ब्लॉकचेन जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके जरिए रियल टाइम मॉनिटरिंग, एआई आधारित शिकायत निवारण प्रणाली, स्टेट कमांड कंट्रोल सेंटर और एकीकृत डेटाबेस विकसित किए जाएंगे।

सरकार का कहना है कि खाद्य सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना उसकी सामाजिक एवं कानूनी जिम्मेदारी है। यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आने वाले करीब 81.35 करोड़ लाभार्थियों तक अधिक प्रभावी ढंग से खाद्यान्न पहुंचाने में मदद करेगी।

यह भी पढ़ें 👉  आईपीएल 2025 का शेड्यूल जारी, 22 मार्च से होगा आगाज

पिछले कुछ वर्षों में केंद्र सरकार ने पीडीएस को डिजिटल बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें राशन कार्डों का डिजिटलीकरण, आधार सीडिंग, ई-पीओएस मशीनों के जरिए राशन दुकानों का ऑटोमेशन, ऑनलाइन राशन आवंटन और कंप्यूटरीकृत सप्लाई चेन मैनेजमेंट जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। इसके अलावा ‘मेरा राशन’, ‘अन्न मित्र’ और ‘अन्न सहायता’ जैसे मोबाइल ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म भी शुरू किए गए हैं।

ADVERTISEMENTS

You cannot copy content of this page