देहरादून। उत्तराखंड में मानसून लगातार आफत बनकर बरस रहा है। पहाड़ से लेकर मैदान तक तेज बारिश का दौर जारी है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र ने मंगलवार को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। देहरादून और बागेश्वर जिले के कुछ इलाकों में गर्जन, बिजली चमकने और मूसलाधार बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि टिहरी, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, नैनीताल, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले कई दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। 26 जुलाई तक राज्यभर में मौसम का मिजाज बिगड़ा रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों से नदी-नालों और गदेरों से दूर रहने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने और मौसम विभाग की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई है।
लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश में भूस्खलन और भूधंसाव की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। सोमवार तक राज्यभर में 98 सड़कें बंद होने से कई गांवों और कस्बों का संपर्क प्रभावित हो गया है। कई स्थानों पर लोगों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है, जबकि कुछ इलाकों में आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
राजधानी देहरादून में भूधंसाव के चलते देहरादून-मसूरी राज्य मोटर मार्ग बंद हो गया है। जिले में कुल 10 सड़कें बाधित हैं। वहीं चमोली जिले में सिमली-ग्वालदम राष्ट्रीय राजमार्ग मलबा आने के कारण बंद है, जबकि जिले की 25 ग्रामीण सड़कें भी यातायात के लिए अवरुद्ध हैं।
अन्य जिलों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। अल्मोड़ा में सात, बागेश्वर में 10, रुद्रप्रयाग में सात, पिथौरागढ़ में 14, नैनीताल में एक राज्य मार्ग सहित पांच ग्रामीण सड़कें, उत्तरकाशी में दो, चंपावत में तीन और टिहरी में नौ ग्रामीण मोटर मार्ग बंद हैं। लोक निर्माण विभाग और संबंधित एजेंसियां मार्ग खोलने में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश राहत कार्यों में चुनौती बनी हुई है।

