देहरादून। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (यूकेपीएससी) की सम्मिलित राज्य अवर अधीनस्थ सेवा (लोअर पीसीएस)-2024 भर्ती अब विवादों में घिरती नजर आ रही है। साक्षात्कार कार्यक्रम जारी होने के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। युवाओं का आरोप है कि आयोग की धीमी प्रक्रिया के कारण भर्ती अनावश्यक रूप से लंबी खिंच रही है और यदि यही स्थिति रही तो अंतिम चयन परिणाम आने में वर्ष 2027 तक का समय लग सकता है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग ने 413 पात्र अभ्यर्थियों में से फिलहाल केवल 328 अभ्यर्थियों को ही साक्षात्कार के लिए बुलाया है, जबकि बाकी अभ्यर्थियों को कब बुलाया जाएगा, इसे लेकर कोई स्पष्ट कार्यक्रम जारी नहीं किया गया है। इससे हजारों युवाओं के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
सिर्फ तीन दिन इंटरव्यू, उठे सवाल
आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार जुलाई माह में केवल 27, 28 और 29 जुलाई को ही साक्षात्कार आयोजित किए जाएंगे। इस सीमित कार्यक्रम को लेकर अभ्यर्थियों का कहना है कि जब आयोग में हाल ही में नए अध्यक्ष और सदस्य की नियुक्ति हो चुकी है और सदस्यों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है, तब इतनी धीमी गति से इंटरव्यू लेने का कोई औचित्य नहीं है।
युवाओं का सुझाव है कि आयोग चार इंटरव्यू बोर्ड गठित करे और प्रतिदिन समानांतर रूप से साक्षात्कार आयोजित करे। उनका दावा है कि यदि ऐसा किया जाए तो पूरी इंटरव्यू प्रक्रिया आठ से दस दिनों के भीतर पूरी की जा सकती है और अगस्त में ही अंतिम परिणाम जारी किया जा सकता है।
बार-बार हरिद्वार बुलाने का भी विरोध
अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया के एक अन्य पहलू पर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि उपकारापाल (जेलर) और आबकारी निरीक्षक जैसे पदों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) अलग तिथि पर आयोजित करना अभ्यर्थियों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
दूरस्थ पर्वतीय जिलों से आने वाले अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्हें इंटरव्यू और फिजिकल टेस्ट के लिए अलग-अलग बार हरिद्वार आना पड़ेगा, जिससे यात्रा और ठहरने पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उनका सुझाव है कि अपर पीसीएस-2024 भर्ती की तरह इंटरव्यू के अगले ही दिन फिजिकल टेस्ट आयोजित किया जाए, ताकि अभ्यर्थियों को राहत मिल सके।
अध्यक्ष और सचिव को भेजा ज्ञापन
भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने आयोग के अध्यक्ष और सचिव को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में मांग की गई है कि इंटरव्यू बोर्डों की संख्या बढ़ाई जाए, अगस्त के भीतर सभी साक्षात्कार पूरे कर अंतिम चयन परिणाम घोषित किया जाए। उनका कहना है कि लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया का इंतजार कर रहे युवाओं के भविष्य के साथ देरी के कारण खिलवाड़ हो रहा है।
आयोग ने क्या कहा?
इस पूरे मामले पर आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि शेष अभ्यर्थियों को अभिलेखों (डॉक्यूमेंट) की स्क्रूटनी पूरी होने के बाद साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। हालांकि, अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग को पूरी प्रक्रिया की स्पष्ट समय-सीमा सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि उम्मीदवारों में असमंजस खत्म हो और भर्ती समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके।

