हल्द्वानी: एसएसपी साहब!…शराब माफियाओं पर कब कसी जाएगी नकेल?

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हल्द्वानी। नैनीताल जिले में अवैध शराब माफियाओं का दबदबा इस कदर बढ़ चुका है कि अब जनता ही पुलिस प्रशासन से सीधा सवाल पूछ रही है—“आखिर कब इन माफियाओं पर नकेल कसी जाएगी?”जनता को हर उस ठिकाने की जानकारी है, जहां जहरीली शराब का कारोबार हो रहा है, लेकिन पुलिस आंख मूंदे बैठी है। इससे मित्र पुलिस की साख धूमिल हो रही है और माफियाओं के हौसले बुलंद।

टीपीनगर चौकी के नजदीक धड़ल्ले से बिक रही शराब
सूत्रों के अनुसार, हल्द्वानी का ट्रांसपोर्ट नगर अवैध शराब बिक्री का सबसे बड़ा अड्डा बन चुका है। होटल और ढाबों की आड़ में खुलेआम बोतलें बेची जा रही हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सबकुछ देवलचौड़ चौराहे स्थित टीपीनगर पुलिस चौकी से चंद कदमों की दूरी पर चल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि चौकी में तैनात कुछ पुलिसकर्मी माफियाओं से मिले हुए हैं। जब भी कार्रवाई की आहट होती है, वही वर्दीधारी माफियाओं को पहले से सूचना दे देते हैं। नतीजा, चेकिंग अभियान से पहले ही माल गायब और माफिया सुरक्षित!

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रामपुर रोड से लेकर बरेली रोड तक धंधा परवान पर
ट्रांसपोर्ट नगर ही नहीं, बल्कि रामपुर रोड के देवलचौड़, पंचायत घर, गन्ना सेंटर और बरेली रोड पर भी धड़ल्ले से अवैध शराब बिक रही है। गांव से लेकर शहर तक माफियाओं का जाल फैला हुआ है। स्थिति यह है कि जनता इन अड्डों को पहचान चुकी है, लेकिन पुलिस प्रशासन अब तक “अनजान” बना हुआ है।

साख पर संकट
जनता का कहना है कि यदि नैनीताल पुलिस ने जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए तो न केवल प्रशासन की साख पर गहरा धब्बा लगेगा, बल्कि किसी बड़ी त्रासदी से भी इनकार नहीं किया जा सकता। नतीजा साफ है—जहां पुलिस मौन है, वहां माफियाओं का शासन है।

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