देहरादून। राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान पित्थूवाला में शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ मारपीट करने के मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी दरोगा महेश कंडवाल को निलंबित कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह कदम उठाया।
बताया गया है कि पांच जून को दरोगा महेश कंडवाल अपने कुछ परिचितों के साथ जबरन संस्थान परिसर में घुस गया था। आरोप है कि उसने शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ अभद्रता करते हुए मारपीट की। इस दौरान कई शिक्षकों को थप्पड़ मारे गए और कुर्सियां उठाकर हमला किया गया, जिससे कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परीक्षा के दौरान दरोगा के बेटे को संदिग्ध गतिविधियों में पकड़ा गया था। आरोप है कि बेटे के समर्थन में दबाव बनाने के लिए दरोगा अगले दिन अपने परिचितों के साथ कॉलेज पहुंचा और विवाद के बाद मारपीट पर उतर आया।
एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल ने कहा कि महेश कंडवाल ने अपने पद की गरिमा के अनुरूप व्यवहार नहीं किया। शिक्षण संस्थान में घुसकर शिक्षकों के साथ मारपीट करना और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाना गंभीर अनुशासनहीनता है। इसी आधार पर उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
मामले में दोनों पक्षों की ओर से मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने छात्र और उसके दरोगा पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। वहीं दरोगा की शिकायत पर चार शिक्षकों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
घटना में एसटीएफ के एक अन्य दरोगा का नाम भी सामने आया है। इस संबंध में रिपोर्ट एसटीएफ उत्तराखंड को भेजी गई है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षकों के साथ हुई इस घटना के बाद शिक्षा जगत में नाराजगी है। वहीं पुलिस विभाग का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

