नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में मानसून अब आफत बनकर बरस रहा है। लगातार हो रही भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। हिमाचल प्रदेश में बादल फटने से सड़क और पुल बह गए हैं, असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 68 पहुंच गई है, जबकि गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली में हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि राहत एवं बचाव कार्य के लिए सेना को मोर्चा संभालना पड़ा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले दो से तीन दिनों तक उत्तर-पश्चिम, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है।

हिमाचल में बादल फटा, सात गांवों का संपर्क टूटा
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले की मयाड़ घाटी स्थित धांधल नाला क्षेत्र में शनिवार देर रात बादल फटने से भारी तबाही मच गई। अचानक आए तेज बहाव में एक पुल और सड़क बह गई, जिससे मयाड़ घाटी के सात गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया। प्रशासन और राहत एजेंसियां हालात सामान्य करने में जुटी हैं, जबकि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
असम में बाढ़ का संकट गहराया, 68 लोगों की मौत
पूर्वोत्तर राज्य असम में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। राज्य के कई जिले अब भी जलमग्न हैं और हजारों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल से फोन पर बातचीत कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी ली। सोनोवाल स्वयं राज्य का दौरा कर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
गुजरात में बारिश से तबाही, सेना ने बचाए 790 से ज्यादा लोग

गुजरात में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। सबसे अधिक प्रभावित वलसाड और नवसारी जिलों में भारी जन-धन का नुकसान हुआ है। राज्य में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 35 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 29 मौतें इन्हीं दो जिलों में दर्ज की गई हैं।
राहत एवं बचाव कार्य के लिए सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से अभियान चला रहे हैं। सेना ने अब तक 790 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। कई इलाकों में जलभराव के कारण सड़क संपर्क बाधित है और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
ओडिशा और पश्चिम बंगाल के लिए रेड अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र गहराकर डिप्रेशन में बदल गया है। अगले 24 घंटों में इसके और मजबूत होकर उत्तर ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों को पार करने की संभावना है।
इसके प्रभाव से 29 जुलाई तक ओडिशा के सुंदरगढ़, क्योंझर और मयूरभंज जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए रेड अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग और राज्य सरकारों ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है। संवेदनशील इलाकों में राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखा गया है और स्थिति पर लगातार निगरानी की जा रही है।

