नई दिल्ली। शनिवार शाम आए शक्तिशाली भूकंप ने अफगानिस्तान समेत पूरे दक्षिण और मध्य एशिया को हिला दिया। शाम करीब 7:05 बजे आए 6.2 तीव्रता के भूकंप के झटके भारत, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, चीन, अफगानिस्तान और किर्गिस्तान तक महसूस किए गए। भारत में दिल्ली-एनसीआर, जम्मू-कश्मीर, पंजाब सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में लोगों ने तेज कंपन महसूस किया, जिससे कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया।
भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान के कालाफगन से करीब 81 किलोमीटर दूर अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा के पास बताया गया है। इसकी गहराई 192 किलोमीटर दर्ज की गई, जिसके कारण झटके काफी व्यापक क्षेत्र में महसूस हुए। हालांकि गहराई अधिक होने के कारण सतह पर इसका असर अपेक्षाकृत कम रहा।
उत्तर भारत में लोग घरों से बाहर निकले
दिल्ली-एनसीआर, जम्मू-कश्मीर और पंजाब के कई इलाकों में भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग एहतियातन अपने घरों, कार्यालयों और अन्य इमारतों से बाहर निकल आए। कई स्थानों पर कुछ सेकंड तक धरती में कंपन महसूस होने से लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने भूकंप के झटकों की जानकारी साझा की।
कई देशों तक महसूस हुआ असर
भूकंप का प्रभाव केवल अफगानिस्तान तक सीमित नहीं रहा। इसके झटके भारत, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, चीन और किर्गिस्तान तक महसूस किए गए। विशेषज्ञों के अनुसार भूकंप का केंद्र अधिक गहराई में होने के कारण इसका प्रभाव बड़े भौगोलिक क्षेत्र में दर्ज किया गया।
फिलहाल नुकसान की कोई सूचना नहीं
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) ने भूकंप की पुष्टि करते हुए बताया कि इसकी तीव्रता 6.2 मापी गई है। राहत की बात यह है कि समाचार लिखे जाने तक भारत या अन्य प्रभावित क्षेत्रों से किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
विशेषज्ञों की सलाह
भूकंप के बाद विशेषज्ञों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आफ्टरशॉक की संभावना को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

