तेल संकट की मार आसमान तक…होर्मुज में तनाव से महंगा हुआ हवाई सफर, एयरलाइंस पर बढ़ा दबाव

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नई दिल्ली: खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ी अनिश्चितता अब सीधे तौर पर वैश्विक एविएशन सेक्टर को प्रभावित कर रही है। कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर बनी आशंकाओं ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में तेजी ला दी है, जिससे एयरलाइंस कंपनियों की परिचालन लागत लगातार बढ़ रही है।

एविएशन इंडस्ट्री में ईंधन सबसे बड़ा खर्च होता है, ऐसे में तेल की कीमतों में उछाल का सीधा असर कंपनियों की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। मौजूदा हालात में जेट फ्यूल महंगा होने से एयरलाइंस को अपने खर्चों में कटौती और ऑपरेशंस की समीक्षा करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।

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सूत्रों के मुताबिक Air India समेत कई एयरलाइंस अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर उड़ानों की संख्या घटाने और कम मांग वाले सेक्टर में सेवाएं सीमित करने पर विचार कर रही हैं। इसका असर यूरोप, अमेरिका और एशिया के प्रमुख मार्गों पर देखने को मिल सकता है।

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विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तेल की कीमतों में यह तेजी बनी रहती है तो आने वाले समय में हवाई किराए में बढ़ोतरी लगभग तय है। इसका सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ेगा और हवाई यात्रा की मांग में भी गिरावट आ सकती है।

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मध्य-पूर्व में तनाव कम नहीं हुआ तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में एविएशन सेक्टर के सामने लागत और सेवाओं के बीच संतुलन बनाना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। कुल मिलाकर, तेल संकट की यह आंच अब आसमान तक पहुंच चुकी है, जहां हर उड़ान के साथ खर्च भी ऊंची उड़ान भर रहा है।

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