Nainital: ‘आदमखोर’ की दहशत…सातताल जंगल में पर्यटकों की एंट्री पर रोक, तेंदुए की तलाश जारी

खबर शेयर करें

नैनीताल: जिले के भीमताल क्षेत्र में जूनस्टेट स्थित जंगल में महिला की हत्या के बाद दहशत का माहौल है। घटना के बाद वन विभाग ने एहतियातन सातताल के जंगल की ओर सैलानियों और पक्षी प्रेमियों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। संदिग्ध आदमखोर वन्यजीव अब तक पकड़ में नहीं आया है, जिससे आसपास के इलाकों में भय बना हुआ है।

Man-Eater on the Prowl: Forest Entry Restricted, Search Intensified: वन विभाग की टीमें लगातार दिन-रात गश्त कर रही हैं। संदिग्ध वन्यजीव को पकड़ने के लिए कई स्थानों पर पिंजरे लगाए गए हैं और ट्रैप कैमरों से निगरानी की जा रही है। दो विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भी मौके पर तैनात है, जो वन्यजीव को ट्रैंक्यूलाइज (बेहोश) करने की तैयारी में है।

यह भी पढ़ें 👉  जम्मू-कश्मीर में भीषण हादसा: उधमपुर में खाई में गिरी बस, 20 की मौत, कई घायल

हालांकि, अब तक वन्यजीव की सटीक मूवमेंट का पता नहीं चल सका है, जिसके चलते ऑपरेशन में सफलता नहीं मिल पाई है। विभाग का कहना है कि सुरक्षा को देखते हुए जंगल के संवेदनशील हिस्सों में आम लोगों की आवाजाही फिलहाल प्रतिबंधित रहेगी।

रेंजर बोले—हर संभव प्रयास जारी

रेंजर विजय मेलकानी और डिप्टी रेंजर किशन भगत ने बताया कि वन्यजीव को पकड़ने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। वन कर्मी दिन और रात दोनों समय जंगल क्षेत्र में गश्त कर रहे हैं। इस अभियान में जीवन रजवार, दीपक बिष्ट, मदन समेत कई कर्मचारी जुटे हुए हैं।

यह भी पढ़ें 👉  ईरान का 180 ड्रोन मार गिराने और F-35 को निशाना बनाने का दावा, अमेरिका ने पहले भी किया खारिज

धारी और ओखलकांडा में भी तेंदुए की दहशत

इधर धारी, धानाचूली, पहाड़पानी, चौरलेख, जाड़ापानी और ओखलकांडा क्षेत्र के गांवों में भी तेंदुए की दहशत बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार धारी और ओखलकांडा में तेंदुआ अब तक तीन महिलाओं को अपना शिकार बना चुका है।

ग्रामीणों ने वन विभाग से त्वरित और ठोस कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक तेंदुए को पकड़ा या काबू नहीं किया जाता, तब तक गांवों में भय का माहौल बना रहेगा।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: बदरीनाथ-केदारनाथ धाम में विशेष पूजा की ऑनलाइन बुकिंग 15 अप्रैल से

पर्यटकों से अपील

वन विभाग ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे प्रतिबंधित क्षेत्रों में न जाएं और अकेले जंगल की ओर जाने से बचें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत विभाग को देने को कहा गया है।

अब सबकी निगाहें वन विभाग के अभियान पर टिकी हैं कि कब तक ‘आदमखोर’ वन्यजीव को पकड़ा जा सकेगा और क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल होगी।

ADVERTISEMENTS Ad

You cannot copy content of this page