जम्मू-कश्मीर में भीषण हादसा: उधमपुर में खाई में गिरी बस, 20 की मौत, कई घायल

खबर शेयर करें

उधमपुर। जम्मू और कश्मीर के उधमपुर जिले में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में 20 यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा रामनगर क्षेत्र के कागोर्ट गांव के पास उस समय हुआ, जब एक यात्री बस अनियंत्रित होकर पहाड़ी से नीचे खाई में जा गिरी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बस एक दूरदराज गांव से उधमपुर की ओर जा रही थी। सुबह करीब 10 बजे रामनगर इलाके में एक ब्लाइंड मोड़ पर चालक अचानक नियंत्रण खो बैठा, जिसके बाद बस पलटते हुए गहरी खाई में जा गिरी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गई और मौके पर चीख-पुकार मच गई।

यह भी पढ़ें 👉  केदारनाथ हेली सेवा का किराया बढ़ा, श्रद्धालुओं की जेब पर 46% तक का बोझ

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। उन्होंने बस में फंसे घायलों को बाहर निकालने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें भी मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन तेज किया गया। मलबे से एक-एक कर शव निकाले गए, जिससे घटनास्थल का मंजर बेहद भयावह हो गया।

अधिकारियों के अनुसार, अब तक 20 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया है। कई घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है।

यह भी पढ़ें 👉  रामनगर में तेंदुए का आतंक, खेत में काम कर रहे ग्रामीण पर किया हमला

हादसे के बाद केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने उधमपुर के उपायुक्त से बात कर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने गंभीर घायलों को एयरलिफ्ट करने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।

इस दर्दनाक घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से देने की घोषणा की है।

यह भी पढ़ें 👉  श्रीनगर-बारामूला हाईवे पर आतंकी साजिश नाकाम, सोपोर के हाइगाम में मिला IED

वहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस हादसे पर दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।

प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं और दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है। यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।

You cannot copy content of this page