टी20 विश्व कप 2026: भारत-पाक मैच पर सस्पेंस गहराया, लाहौर में 5 घंटे चली अहम बैठक

खबर शेयर करें

नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि कूटनीतिक और आर्थिक मायनों में भी बेहद अहम होता है। टी20 विश्व कप 2026 में 15 फरवरी को प्रस्तावित भारत-पाकिस्तान मैच अब विवादों के केंद्र में है। बांग्लादेश से जुड़े मुद्दे पर पाकिस्तान के भारत के साथ खेलने से इनकार के बाद इस हाई-वोल्टेज मुकाबले को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है।

High-Stakes ICC Meeting in Lahore: Future of India-Pakistan Clash Under Discussion: रविवार को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में आईसीसी-पीसीबी-बीसीबी की उच्चस्तरीय बैठक हुई, जो पांच घंटे से अधिक चली। बैठक में पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी, आईसीसी उपाध्यक्ष इमरान ख्वाजा और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम मौजूद रहे।

यह भी पढ़ें 👉  गांधी परिवार में खुशखबरी: प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा ने अवीवा बेग से की सगाई

सूत्रों के अनुसार आईसीसी ने सभी पक्षों को एक मंच पर लाकर विवाद सुलझाने और 15 फरवरी को होने वाले मैच को तय कार्यक्रम के अनुसार कराने की कोशिश की। बीसीबी अध्यक्ष की मौजूदगी ने संकेत दिया कि मामला सिर्फ द्विपक्षीय नहीं, बल्कि बहुपक्षीय असर वाला है।

रेवेन्यू का बड़ा खेल, आईसीसी की चिंता बढ़ी

भारत-पाकिस्तान मैच टूर्नामेंट का सबसे बड़ा ‘रेवेन्यू जेनरेटर’ माना जाता है। ब्रॉडकास्ट राइट्स, स्पॉन्सरशिप डील, विज्ञापन स्लॉट और वैश्विक व्यूअरशिप का बड़ा हिस्सा इसी मुकाबले से जुड़ा होता है।

यह भी पढ़ें 👉  बांग्लादेश क्रिकेट में बगावत: BCB निदेशक के इस्तीफे की मांग, खिलाड़ियों ने BPL बहिष्कार की दी चेतावनी

यदि पाकिस्तान मैच से हटता है तो आईसीसी के ब्रॉडकास्ट पैकेज की वैल्यू पर सीधा असर पड़ सकता है। इसका प्रभाव सदस्य देशों को मिलने वाले सालाना राजस्व वितरण पर भी पड़ेगा। पाकिस्तान, भारत और बांग्लादेश समेत सभी बोर्ड्स की आय प्रभावित हो सकती है।

पीसीबी अगले 24 घंटे में साफ करेगा रुख

जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने आईसीसी अधिकारियों के साथ लंबी चर्चा के बाद अगले 24 घंटों में अंतिम फैसला घोषित करने की बात कही है। सूत्र बताते हैं कि अंतिम निर्णय लेने से पहले पीसीबी पाकिस्तान सरकार से परामर्श कर सकता है।

यह भी पढ़ें 👉  पुंछ: कृष्णा घाटी में घुसपैठ की कोशिश नाकाम, भारतीय सेना ने 7 पाकिस्तानी घुसपैठिए मार गिराए

गौरतलब है कि पीसीबी ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से सलाह के बाद 2 फरवरी को भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार की घोषणा की थी।

क्रिकेट से आगे की कहानी

भारत-पाक मुकाबला हमेशा से खेल के साथ-साथ राजनीतिक और कूटनीतिक परतों से भी जुड़ा रहा है। ऐसे में 15 फरवरी का यह मैच सिर्फ एक ग्रुप-स्टेज मुकाबला नहीं, बल्कि पूरे टूर्नामेंट की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।

अब सबकी निगाहें पीसीबी के अंतिम फैसले और आईसीसी की अगली रणनीति पर टिकी हैं।

ADVERTISEMENTS

You cannot copy content of this page