रेफरल मरीजों को 108 एंबुलेंस से भेजने और प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को खुशियों की सवारी से घर पहुंचाने के निर्देश
रामनगर (नैनीताल)। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और अस्पतालों की व्यवस्थाओं को परखने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी नैनीताल डॉ. रश्मि पंत ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कालाढूंगी सहित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलपड़ाव, पीरुमदारा और कानिया का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लेबर रूम, वार्ड, फार्मेसी, विभिन्न पंजिकाओं, साफ-सफाई और स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डॉ. पंत ने लेबर रूम का रजिस्टर अलग से व्यवस्थित रखने और रेफरल रजिस्टर का नियमित रूप से रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने परिवार कल्याण संबंधी सामग्री को प्रमुखता से प्रदर्शित करने के साथ उसकी उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि उच्च स्वास्थ्य केंद्रों के लिए रेफर किए जाने वाले मरीजों को 108 एंबुलेंस सेवा के माध्यम से भेजा जाए। वहीं, अस्पताल में प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए खुशियों की सवारी सेवा का उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
सीएमओ ने बायोमेडिकल वेस्ट का नियमानुसार निस्तारण करने, कोल्ड चेन का उचित रखरखाव करने तथा ई-औषधि पोर्टल पर दवाओं के स्टॉक और वितरण से संबंधित रिकॉर्ड नियमित रूप से अपडेट रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा।
स्वास्थ्य केंद्रों में चल रहे निर्माण एवं आधारभूत संरचना संबंधी कार्यों का निरीक्षण करते हुए डॉ. पंत ने आवश्यकतानुसार व्हाइटवॉश कराने, निर्माण कार्यों में तेजी लाने और उनकी नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं की समय-समय पर समीक्षा करने को भी कहा।
आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों को संस्थागत प्रसव, प्रसव के बाद मिलने वाली आर्थिक सहायता तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाए। उन्होंने ईजा-बोई योजना और जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया, ताकि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ मिल सके।
डॉ. पंत ने बताया कि जननी सुरक्षा योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को ग्रामीण क्षेत्र में प्रसव होने पर 1,400 रुपये और शहरी क्षेत्र में प्रसव होने पर 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त, इस वर्ष अनुमोदित व्यवस्था के तहत प्रसव के बाद महिला के 48 घंटे तक अस्पताल में रुकने पर उसके तीमारदार को 300 रुपये प्रतिदिन की दर से दो दिन के लिए कुल 600 रुपये की सहायता दिए जाने का प्रावधान है। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम को इस व्यवस्था की जानकारी पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
सीएमओ ने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों को अस्पताल आने वाले मरीजों एवं उनके तीमारदारों के साथ संवेदनशीलता, सम्मान और सहयोगपूर्ण व्यवहार अपनाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने में अनावश्यक परेशानी न हो और उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। डॉ. पंत ने संबंधित अधिकारियों को साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, अभिलेखों के रखरखाव और मरीजों को दी जा रही सेवाओं की नियमित समीक्षा एवं निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों में व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखते हुए आमजन को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।

