हल्द्वानी। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने अभी से अपनी चुनावी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। प्रदेश पदाधिकारी एवं विस्तारित कार्यसमिति की बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कार्यकर्ताओं को चुनावी जीत का मंत्र देते हुए लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी यानी ‘हैट्रिक’ का लक्ष्य दिया। इसके साथ ही पार्टी ने इस बार महज सरकार बनाने के बजाय दो तिहाई बहुमत हासिल करने का बड़ा लक्ष्य तय किया है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर जनता के बीच जाएं। उन्होंने साफ किया कि चुनाव में भाजपा की सबसे बड़ी ताकत संगठन और उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं। ऐसे में घर-घर संपर्क अभियान के जरिए सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाना और जनसमर्थन को वोट में बदलना कार्यकर्ताओं की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।
बैठक में आगामी चुनाव को लेकर संगठनात्मक स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। भाजपा ने इस बार चुनावी रणनीति में मंडल के बजाय शक्ति केंद्र को प्रमुख इकाई बनाने का फैसला किया है। पार्टी का फोकस अब शक्ति केंद्र स्तर पर संगठन को सक्रिय करने और मतदाताओं से सीधा संपर्क मजबूत करने पर रहेगा।
‘दो लोग एक-दूसरे से नफरत करते हैं, यही सबसे बड़ी अड़चन’
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने संबोधन में कांग्रेस और विपक्ष की राजनीति पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस समाज को विभाजित करने की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं को ऐसी राजनीति का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देना होगा।
उन्होंने कहा कि जो लोग चुनावी मैदान में भाजपा को पराजित नहीं कर सकते, वे अब छद्म और षड्यंत्रकारी राजनीति का सहारा ले रहे हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं को जनता के बीच जाकर ऐसी राजनीति का पर्दाफाश करना होगा और विकास तथा जनहित के मुद्दों को मजबूती से सामने रखना होगा।
नितिन नवीन ने कहा कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की विचारधारा से जुड़े भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता सनातन संस्कृति और देवभूमि उत्तराखंड की साख को किसी भी स्तर पर बदनाम नहीं होने देंगे।
विकास और जनकल्याण के दम पर मांगा जनता का भरोसा
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार ने विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। इन्हीं उपलब्धियों को आधार बनाकर पार्टी को जनता के बीच जाना है।
उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जनता का विश्वास भाजपा के साथ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भी जनता का रुझान भाजपा के पक्ष में है, लेकिन इस समर्थन को चुनावी परिणाम में बदलने के लिए संगठन को जमीन पर पूरी ताकत के साथ काम करना होगा।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को विशेष रूप से घर-घर जनसंपर्क का मंत्र दिया। कहा कि जनता तक पहुंचना, सरकार के कामों की जानकारी देना और लोगों के सुझाव एवं समस्याएं सुनना चुनावी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए।
इस बार मंडल नहीं, शक्ति केंद्र होंगे चुनावी रणनीति का केंद्र
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बैठक के बाद चुनावी रणनीति की जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर इस बार पार्टी मंडल के स्थान पर शक्ति केंद्र आधारित रणनीति के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी।
शक्ति केंद्र स्तर पर संगठन को और अधिक सक्रिय किया जाएगा। पार्टी के विभिन्न मोर्चों को भी चुनावी तैयारियों में पहले की तुलना में ज्यादा जिम्मेदारी दी जाएगी। मोर्चों को मंडल और शक्ति केंद्र स्तर पर संगठन को सक्रिय करने तथा कार्यकर्ताओं को चुनावी अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। इस रणनीति का मकसद संगठन की गतिविधियों को और ज्यादा जमीनी स्तर तक पहुंचाना तथा मतदाताओं से सीधा संवाद मजबूत करना माना जा रहा है।
तीन बार पदाधिकारी रहे वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को भी मिलेगी अहम जिम्मेदारी
भाजपा ने इस बार अपने पुराने और अनुभवी कार्यकर्ताओं को भी चुनावी रणनीति में सक्रिय भूमिका देने का फैसला किया है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के मुताबिक, ऐसे पूर्व पदाधिकारी और वरिष्ठ कार्यकर्ता जो पहले तीन बार तक संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं, लेकिन वर्तमान में किसी पद पर नहीं हैं, उन्हें भी चुनावी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाएगा।
पार्टी का मानना है कि इन अनुभवी कार्यकर्ताओं के संगठनात्मक अनुभव और क्षेत्रीय संपर्क का चुनाव में बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है। ऐसे कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां देकर संगठन को बूथ से लेकर शक्ति केंद्र तक मजबूत करने की कवायद की जाएगी।
‘वंदे मातरम’ को लेकर भी विपक्ष पर निशाना
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने संबोधन में ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक बताया। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग समाज को जातियों में बांटने की राजनीति कर रहे हैं, वही तुष्टीकरण के लिए राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ का विरोध कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ आजादी की लड़ाई के दौरान देशवासियों के लिए प्रेरणा का मूल मंत्र रहा है और स्वतंत्र भारत के राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़ा हुआ है। उन्होंने इसे विकसित भारत के निर्माण की भावना से भी जोड़ते हुए कार्यकर्ताओं से राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक चेतना को जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया।
हैट्रिक के साथ दो तिहाई बहुमत का लक्ष्य
उत्तराखंड की राजनीति में भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की रणनीति पर काम कर रही है। बैठक में पार्टी ने इस लक्ष्य को और स्पष्ट करते हुए हैट्रिक के साथ दो तिहाई बहुमत हासिल करने का संकल्प लिया।
इसके लिए पार्टी संगठनात्मक मजबूती, सरकार की उपलब्धियों के प्रचार, घर-घर जनसंपर्क और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के अनुभव का इस्तेमाल करेगी। शक्ति केंद्र आधारित रणनीति के जरिए चुनावी अभियान को अधिक सूक्ष्म स्तर तक ले जाने की तैयारी है।
बैठक से यह भी स्पष्ट संकेत मिला कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर पहले से तैयारी शुरू करना चाहती है। पार्टी की कोशिश होगी कि चुनावी माहौल बनने से पहले ही कार्यकर्ता जनता के बीच सक्रिय हो जाएं और सरकार की उपलब्धियों को लेकर व्यापक संपर्क अभियान चलाया जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तीर्थ सिंह रावत, राष्ट्रीय मीडिया संयोजक अनिल बलूनी, प्रदेश सहप्रभारी रेखा वर्मा, प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, दीप्ति रावत, तरुण बंसल सहित प्रदेश पदाधिकारी, जिला प्रभारी और सह प्रभारी मौजूद रहे।
