गरमपानी (नैनीताल )। नैनीताल जिले के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने कदम तेज कर दिए हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गरमपानी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) धनियाकोट का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सीएचसी गरमपानी में जल्द आयुष्मान मित्र की नियुक्ति और पीएचसी धनियाकोट में प्रसव केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए। वहीं, कैंची धाम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही और जाम की स्थिति को देखते हुए आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया।
सीएचसी गरमपानी में हर महीने 2 हजार से अधिक मरीज पहुंच रहे
निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने अस्पताल की ओपीडी, अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे, लैब, इमरजेंसी सेवाओं, औषधि कक्ष, बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण और कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका की जांच की। अस्पताल में व्यवस्थाएं दुरुस्त मिलने पर उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों के कार्यों की सराहना की।
सीएचसी गरमपानी में प्रतिमाह 2,000 से अधिक मरीज ओपीडी में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं, एक माह में 103 अल्ट्रासाउंड किए गए। सीएमओ ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को उपलब्ध जांच सुविधाओं का नियमित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अस्पताल में उपलब्ध नहीं होने वाली जांचों को नियमानुसार आउटसोर्स सेवा के माध्यम से उपलब्ध कराने को भी कहा, ताकि मरीजों को जांच के लिए भटकना न पड़े।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में जल्द आयुष्मान मित्र की नियुक्ति की जाएगी। इससे मरीजों को आयुष्मान कार्ड से संबंधित सुविधाएं प्राप्त करने में सहूलियत मिलेगी।
धनियाकोट में प्रसव केंद्र खुलने से गर्भवती महिलाओं को मिलेगी राहत
पीएचसी धनियाकोट के निरीक्षण के दौरान सभी चिकित्सकीय कर्मचारी उपस्थित मिले। सीएमओ डॉ. पंत ने यहां जल्द प्रसव केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए। इससे धनियाकोट और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को स्थानीय स्तर पर प्रसव सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और उन्हें इसके लिए दूरस्थ अस्पतालों का रुख करने की जरूरत कम होगी।
कैंची धाम में जाम के बीच गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष इंतजाम
कैंची धाम क्षेत्र में प्रत्येक शनिवार और रविवार को उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए सीएमओ ने आवश्यक दवाओं और पर्याप्त स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। क्षेत्र में जाम की स्थिति को देखते हुए गर्भवती महिलाओं के लिए बर्थ वेटिंग होम की व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। जरूरत के अनुसार चार बेड आरक्षित रखने को भी कहा गया, ताकि आपात स्थिति में गर्भवती महिलाओं को समय पर आवश्यक सुविधा मिल सके।
सड़क हादसों में घायलों को तत्काल उपचार देने के निर्देश
सीएमओ ने सीएचसी गरमपानी, भीमताल, भवाली और सुयालबाड़ी के प्रभारियों को सड़क दुर्घटनाओं और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए हर समय तैयार रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं में घायल लोगों को तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जाए।
इसके साथ ही 108 आपातकालीन एंबुलेंस सेवा और खुशियों की सवारी सेवा को सुचारु बनाए रखने पर जोर दिया गया। गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को समय पर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए, ताकि जरूरतमंदों को समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।

