देहरादून : उत्तराखंड में आने वाले दिनों में भीषण गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार राज्य के मैदानी इलाकों में तापमान में लगातार वृद्धि होने की संभावना है। विशेष रूप से हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर और देहरादून जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक पहुंच सकता है।
स्थिति को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) ने सभी जिलों के प्रशासन और संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश जारी किए हैं। साथ ही गर्मी से बचाव को लेकर विस्तृत एडवाइजरी भी जारी की गई है।
इन जिलों में रहेगा सबसे ज्यादा असर
पूर्वानुमान के अनुसार 19 मई को हरिद्वार में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है। वहीं ऊधम सिंह नगर, देहरादून, नैनीताल और पौड़ी गढ़वाल में अधिकतम तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा टिहरी गढ़वाल, अल्मोड़ा, चम्पावत और निचले चमोली क्षेत्रों में तापमान 30 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
20 मई को भी हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में गर्मी का प्रकोप जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार इन जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक रह सकता है। देहरादून, नैनीताल और पौड़ी गढ़वाल में भी गर्म हवाएं लोगों को परेशान करेंगी, जहां तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
21 और 22 मई तक राहत के आसार नहीं
मौसम विभाग ने 21 और 22 मई के लिए भी चेतावनी जारी की है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार बना रह सकता है। वहीं देहरादून, नैनीताल और पौड़ी गढ़वाल में भी तेज गर्मी पड़ने की संभावना है।
टिहरी गढ़वाल, अल्मोड़ा और चम्पावत जैसे पर्वतीय जिलों में भी तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान जताया गया है।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को निर्देश
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आमजन को गर्मी और लू से बचाव के प्रति जागरूक किया जाए। लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह देने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया है।
स्वास्थ्य विभाग को हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और गर्मी जनित बीमारियों से निपटने के लिए अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
पेयजल और बिजली व्यवस्था पर भी फोकस
प्रशासन को पेयजल आपूर्ति और बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा स्कूलों, निर्माण स्थलों और खुले में कार्य करने वाले श्रमिकों के लिए जरूरी एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने को कहा गया है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों जैसे संवेदनशील वर्गों के लिए विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।

