उत्तराखंड में पांच नई आईटी सेवाओं की शुरुआत, ‘हिल से हाइटेक’ के मंत्र पर आगे बढ़ रहा राज्य

खबर शेयर करें

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी आधारित पांच नई सेवाओं का शुभारंभ किया। इन सेवाओं में ‘डिजिटल उत्तराखंड’ एप, S3Waas प्लेटफॉर्म आधारित 66 सरकारी वेबसाइटें, नगरीय क्षेत्रों में कूड़ा उठाने वाले वाहनों की जीआईएस आधारित रियल टाइम ट्रैकिंग एप, 1905 सीएम हेल्पलाइन में एआई आधारित नवाचार तथा अतिक्रमण निगरानी वेब एप शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर घोषणा की कि राज्य में शीघ्र ही नेक्स्ट-जनरेशन डेटा सेंटर और एआई मिशन स्थापित किया जाएगा। साथ ही, रिमोट सेंसिंग एवं ड्रोन एप्लीकेशन सेंटर का विकास और एक विशिष्ट आईटी कैडर बनाने के प्रयास किए जाएंगे।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: कक्षा 1 से 8 तक के पाठ्यक्रम में अगले सत्र से 30% बदलाव, नई शिक्षा नीति के अनुरूप तैयार होगी नई रूपरेखा

धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान से प्रेरित होकर राज्य सरकार ‘हिल से हाइटेक’ के मंत्र पर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि ‘डिजिटल उत्तराखंड’ एप से लोग घर बैठे कई सरकारी सेवाओं का लाभ ले सकेंगे, जिससे दफ्तरों के चक्कर खत्म होंगे और ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ का लक्ष्य साकार होगा।

यह भी पढ़ें 👉  Uttarakhand: वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 110 वन आरक्षी और 45 वन दरोगाओं के तबादले

S3Waas प्लेटफॉर्म पर बनी 66 वेबसाइटें विभागीय जानकारी को सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से जनता तक पहुंचाएंगी। जीआईएस आधारित एप शहरी क्षेत्रों में कूड़ा वाहनों की ट्रैकिंग करेगा, जबकि अतिक्रमण निगरानी एप से नागरिक फोटो या वीडियो अपलोड कर तुरंत शिकायत दर्ज करा सकेंगे। 1905 सीएम हेल्पलाइन में एआई तकनीक से शिकायत निस्तारण और मॉनिटरिंग और बेहतर होगी।

यह भी पढ़ें 👉  ईरान पर अमेरिका के नए प्रतिबंध, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ा वैश्विक तनाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ऑनलाइन शिक्षा, ई-स्वास्थ्य सेवाएं, भूलेख डिजिटलीकरण, स्मार्ट क्लासरूम, ई-लर्निंग और टेलीमेडिसिन को प्राथमिकता दी जा रही है। “अपणी सरकार” पोर्टल से 886 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं और 95% गांवों में दूरसंचार कनेक्टिविटी पहुंच चुकी है। इस मौके पर विधायक खजानदास, वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित विभागों के प्रमुख मौजूद रहे।

ADVERTISEMENTS

You cannot copy content of this page