देहरादून। उत्तराखंड वन विभाग में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। विभाग ने 110 वन आरक्षियों (फॉरेस्ट गार्ड) और 45 वन दरोगाओं के स्थानांतरण आदेश जारी किए हैं। अधिकांश तबादले कर्मचारियों द्वारा दिए गए अनुरोध पत्रों और स्थानांतरण समिति की संस्तुतियों के आधार पर किए गए हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में तबादलों की एक और सूची जारी होने की संभावना है।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक कई वन कर्मियों ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं, पारिवारिक परिस्थितियों और अन्य व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए स्थानांतरण के लिए आवेदन किया था। इन आवेदनों पर विचार करने के बाद नियमानुसार गठित समिति की संस्तुति के आधार पर स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी की गई।
मुख्य वन संरक्षक प्रसन्न पात्रो ने बताया कि तबादले उत्तराखंड लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानांतरण अधिनियम-2017 के प्रावधानों के तहत गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर किए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुरूप और पारदर्शी तरीके से संपन्न की गई है।
वन विभाग ने फायर सीजन को देखते हुए स्थानांतरित कर्मचारियों को तत्काल कार्यमुक्त नहीं करने का निर्णय लिया है। मुख्य वन संरक्षक ने संबंधित नियंत्रक अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वनाग्नि सीजन के मद्देनजर कर्मचारियों को 30 जून के बाद कार्यमुक्त किया जाए तथा इसकी अनुपालन आख्या मुख्यालय को भेजी जाए।
वन विभाग में हुए इस व्यापक फेरबदल को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इससे विभिन्न वन प्रभागों में मानव संसाधन का बेहतर संतुलन स्थापित होगा और कर्मचारियों को उनकी परिस्थितियों के अनुरूप तैनाती मिल सकेगी।

