ट्रंप की धमकी से मचा भूचाल! ईरान पर ‘आज रात बड़े हमले’ का ऐलान, तेल के सबसे बड़े केंद्र खर्ग द्वीप पर भी नजर

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वॉशिंगटन/तेहरान। पश्चिम एशिया में हालात तेजी से विस्फोटक होते जा रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच लगातार दूसरे दिन भीषण सैन्य टकराव जारी रहने के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ऐसा बयान दिया है, जिसने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि अमेरिका ईरान पर “बहुत बड़ा और कड़ा हमला” करने जा रहा है। इतना ही नहीं, उन्होंने ईरान के सबसे महत्वपूर्ण तेल निर्यात केंद्र Kharg Island समेत उसके तेल और गैस ढांचे पर नियंत्रण स्थापित करने की भी बात कही है।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर जारी संदेश में कहा कि अमेरिका ईरान को “VERY HARD TONIGHT” निशाना बनाएगा। उन्होंने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता को काफी हद तक कमजोर कर दिया गया है और भविष्य में अमेरिका खर्ग द्वीप सहित अन्य ऊर्जा केंद्रों पर नियंत्रण करेगा।

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यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष ने पूरे क्षेत्र को युद्ध के मुहाने पर ला खड़ा किया है। गुरुवार तड़के तक अमेरिकी और ईरानी सेनाओं के बीच हमले और जवाबी कार्रवाई जारी रही। अमेरिकी हमलों को पिछले दिनों की तुलना में अधिक व्यापक और आक्रामक बताया जा रहा है।

ईरान ने भी अमेरिका के दबाव के आगे झुकने से इनकार करते हुए जवाबी हमले तेज कर दिए हैं। रिपोर्टों के अनुसार ईरान ने अमेरिका के सहयोगी देशों और क्षेत्रीय ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।

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क्यों अहम है खर्ग द्वीप?

खर्ग द्वीप को ईरान की अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा माना जाता है। देश के करीब 90 प्रतिशत कच्चे तेल का निर्यात इसी द्वीप के जरिए होता है। यदि इस क्षेत्र पर किसी प्रकार की सैन्य कार्रवाई होती है तो इसका असर केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजारों में भी भारी उथल-पुथल मच सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि खर्ग द्वीप पर कब्जे की किसी भी कोशिश को ईरान अपनी संप्रभुता पर सीधा हमला मानेगा, जिससे संघर्ष और व्यापक हो सकता है। यही कारण है कि ट्रंप के बयान को अब तक की सबसे बड़ी चेतावनियों में से एक माना जा रहा है।

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इस बीच समुद्री मार्गों पर भी तनाव बढ़ गया है। अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है और रणनीतिक जलमार्गों पर निगरानी कड़ी कर दी है। वहीं, ईरान की ओर से भी सख्त प्रतिक्रिया के संकेत मिल रहे हैं।

हालांकि युद्ध जैसे हालात के बीच कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं और दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता की खबरें सामने आ रही हैं, लेकिन ताजा सैन्य घटनाक्रमों और ट्रंप के आक्रामक रुख ने शांति की संभावनाओं को बड़ा झटका दिया है।

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