नहटौर। बिजनौर जिले के नहटौर क्षेत्र के गांव सलामताबाद में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। घर में बनी लौकी की सब्जी खाने के बाद एक ही परिवार के आठ लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी को उल्टी-दस्त और पेट दर्द की शिकायत होने पर आनन-फानन में निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों ने प्रारंभिक जांच में फूड प्वाइजनिंग की आशंका जताई है।
जानकारी के अनुसार गांव सलामताबाद निवासी अरविंद कुमार के भाई अरुण कुमार मंगलवार को बाजार से लौकी खरीदकर घर लाए थे। बुधवार को उसी लौकी की सब्जी तैयार की गई और परिवार के सदस्यों ने भोजन में उसका सेवन किया। बताया जा रहा है कि खाना खाने के कुछ ही समय बाद परिवार के कई सदस्यों को पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत शुरू हो गई।
परिजनों के अनुसार शुरुआत में इसे सामान्य समस्या समझा गया, लेकिन देखते ही देखते एक के बाद एक लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर सभी को तत्काल नजदीकी निजी नर्सिंग होम ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया।
बीमार होने वालों में अरविंद कुमार (36), अरुण कुमार (32), संतोष देवी (55), सोनिका (32), मयंक (5), भगवती (70) सहित परिवार के अन्य सदस्य शामिल हैं। इतना ही नहीं, घर में काम करने आए गांव बसावनपुर निवासी राजमिस्त्री सोनी (40) ने भी वही सब्जी खाई थी और उनकी तबीयत भी खराब हो गई।
डॉक्टरों का कहना है कि सभी मरीजों में फूड प्वाइजनिंग जैसे लक्षण पाए गए हैं। हालांकि बीमारी की वास्तविक वजह का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल सभी मरीज चिकित्सकीय निगरानी में हैं और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
घटना के बाद गांव में चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोग खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर चिंता जता रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि लौकी में किसी प्रकार का रासायनिक प्रभाव, खराब गुणवत्ता या विषाक्त तत्व हो सकते हैं, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
यह घटना खाद्य सुरक्षा और बाजार में बिकने वाली सब्जियों की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से मामले की जांच कर वास्तविक कारणों का पता लगाने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।

